महाशिवरात्रि के मद्देनजर आज से मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन, पर्व के समापन तक लागू रहेगी व्यवस्था
*स्नानार्थियों की संख्या 63 करोड़ पार, महाशिवरात्रि के चलते आज से मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन*
महाकुंभ में 63 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि को देखते हुए मंगलवार से मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन रहेगा। मंगलवार से शुरू होकर यह प्रतिबंध पर्व की समाप्ति तक लागू होगा।
*बाहर के जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था*
जौनपुर की तरफ से आने वाले वाहन
1- चीनी मिल पार्किंग
2- पूरे सूरदास पार्किंग गारापुर रोड
3- समयामाई मंदिर कछार पार्किंग
4- बदरा सौनौटी रहीमापुर मार्ग उत्तरी/दक्षिणी पार्किंग
जौनपुर की तरफ से आने वाले श्रद्धालु पार्किंग में अपने वाहनों को खड़ा करके पैदल ओल्ड जीटी मार्ग से मेला क्षेत्र में प्रवेश करेंगे एवं मेला क्षेत्र में स्नान के बाद अपने निकटतम स्थित महादेव गंगोली शिवाला मंदिर में दर्शन पूजन कर सकेंगे।
*वाराणसी की तरफ से आने वाले वाहन*
1- महुआ बाग थाना झूंसी पार्किंग (अखाड़ा पार्किंग)
2- सरस्वती पार्किंग झूंसी रेलवे स्टेशन
3- नागेश्वर मंदिर पार्किंग
4- ज्ञान गंगा घाट छतनाग पार्किंग
5- शिव मंदिर उस्तापुर महमूदाबाद पार्किंगवाराणसी की तरफ से आने वाले श्रद्धालु पार्किंग में वाहनों को खड़ा करके पैदल छतनाग मार्ग से मेला क्षेत्र में प्रवेश करेंगे एवं मेला क्षेत्र में स्नान के बाद अपने निकटतम स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर पर जाकर दर्शन पूजन कर सकेंगे।
*मिर्जापुर की तरफ से आने वाले वाहन*
1- देवरख उपरहार पार्किंग उत्तरी/दक्षिणी
2- टेंट सिटी पार्किंग मदनुआ/मवइया/देवरख
3- ओमेक्स सिटी पार्किंग
4- गजिया पार्किंग उत्तरी/दक्षिणी
पार्किंग में वाहनों को खड़ा करके पैदल अरैल बांध रोड से मेला क्षेत्र में प्रवेश होगा। श्रद्धालु सोमेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन पूजन कर सकेंगे।
रीवा-बांदा-चित्रकूट की तरफ से आने वाले वाहन
1- नवप्रयागम पार्किंग पूर्वी/पश्चिमी/विस्तार
2- एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट पार्किंग यमुना पट्टी
3- महेवा पूरब/पश्चिम पार्किंग
4- मीरखपुर कछार पार्किंग
पार्किंग में वाहनों को खड़ा करके पैदल ओल्ड रीवा मार्ग व न्यू रीवा मार्ग होते हुए अरैल बांध से मेले में प्रवेश होगा। श्रद्धालु सोमेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
*मेला क्षेत्र में पैदल आवागमन*
1. संगम आने वाले श्रद्धालु जीटी जवाहर से प्रवेश कर काली सड़क, काली रैंप से होते हुए संगम अपर मार्ग से त्रिवेणी तट पर पहुंचेंगे।
2. श्रद्धालु अक्षयवट मार्ग होते हुए इंटरलॉकिंग मार्ग, त्रिवेणी मार्ग होते हुए लौटेंगे।