कल कोलकाता पहुंचेंगे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, 16 तक बंगाल प्रवास में रहेंगे

कल कोलकाता पहुंचेंगे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, 16 तक बंगाल प्रवास में रहेंगे

*कल कोलकाता पहुंचेंगे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, 16 तक बंगाल प्रवास में रहेंगे*

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को कोलकाता पहुंचेंगे। वे 16 फरवरी तक राज्य में रहेंगे। उन्होंने बताया कि भागतव दक्षिण बंग दौरे में सात से दस फरवरी तक वे संघ के विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत दस दिवसीय दौरे पर आज पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंच रहे हैं। वे 16 तक बंगाल में प्रवास करेंगे। यह जानकारी आज पूर्व क्षेत्र सह प्रचार प्रमुख जिष्णु बसु और दक्षिण बंग प्रांत प्रचार प्रमुख बिप्लव राय ने यहां दी। उल्लेखनीय है कि वे इस बार दक्षि्ण बंग और मध्य बंग प्रांत के प्रवास पर आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को कोलकाता पहुंचेंगे। वे 16 फरवरी तक राज्य में रहेंगे। उन्होंने बताया कि भागतव दक्षिण बंग दौरे में सात से दस फरवरी तक वे संघ के विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान वे संघ के स्व-अध्याय, पर्वायवर, सामाजिक समरसता सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। 11 और 12 फरवरी को वे संघ के अखिल भारतीय टोली एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे

इसके बाद 13 फरवरी को वे मध्य बंग जाएंगे। 14 फरवरी शुक्रवार को भागवत मध्य बंग के वर्धमान में संघ के नये प्रांत कार्यलय का उद्घाटन करेंगे। 15 फरवरी वे पदाधिकारियों और समाज के विशिष्ट जनों के साथ बैठकें करेंगे। इसके बाद अंतिम दिन 16 फरवरी को वे साई कंप्लैक्स में मध्य बंग प्रांत के कार्यकर्या सम्मेलन में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक वे इस दिन एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित करेंगे।


उन्होंने बताया कि काम की सहजता के लिए पश्चिम बंगाल को तीन प्रांतों में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि दोनों मेदिनीपुर जिले, हावड़ा, कोलकाता और हावड़ा महानगर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना को लेकर दक्षिण बंग प्रांत बनाया गया है। इसी तरह से बांकुड़ा, पुरुलिया, बीरभूम, वर्धमान, मूर्शिदाबाद और नदिया जिले को लेकर मध्य बंग प्रांत बनाया गया है। इसी तरह से मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी अलिपुरदुआर, कूचबिहार और दार्जिंलिंग जिलों को लेकर उत्तर बंग प्रांत का गठिन किया गया है।