भारतीय परंपरा आज की दुनिया के लिए आवश्यक', केरल दौरे पर संघ प्रंमुख मोहन भागवत का संदेश

भारतीय परंपरा आज की दुनिया के लिए आवश्यक', केरल दौरे पर संघ प्रंमुख मोहन भागवत का संदेश

*भारतीय परंपरा आज की दुनिया के लिए आवश्यक', केरल दौरे पर संघ प्रंमुख मोहन भागवत का संदेश*

केरल दौरे पर गए आरएसएस प्रमुख ने दुनिया में भरतीय परंपरा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा व्यक्तिगत आत्म उद्धार और सभी की भलाई के लिए काम करने की बात करती है इसलिए ये आज की दुनिया के लिए बहुत जरूरी है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को भारतीय परंपरा की दुनियाभर में आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा व्यक्तिगत आत्म उद्धार और सभी की भलाई के लिए काम करने की बात करती है इसलिए ये आज की दुनिया के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया को उम्मीद है कि भारत अपनी इन परंपराओं, विचारों और संस्कारों को बनाए रखेगा ताकि हम अपने जीवन को बचा सकें और दूसरों के लिए एक अच्छा उदाहरण पेश कर सकें।

*तपस्या के कार्य के जश्न की बात*

साथ ही उन्होंने तपस्या के कार्य की 50वीं वर्षगांठ के जश्न की बात करते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं को इस लक्ष्य की ओर प्रेरित करेगा और इससे हमें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। भागवत ने यह भी कहा कि यदि भारत का बौद्धिक और कलात्मक क्षेत्र इस भावना के साथ काम करता है, तो बहुत कम वर्षों में हमारे समाज में बड़ा बदलाव आ सकता है।