सीतारमण ने 25000 करोड़ रुपये के समुद्री विकास कोष की घोषणा की, 49 फीसदी तक रहेगा सरकार का योगदान

सीतारमण ने 25000 करोड़ रुपये के समुद्री विकास कोष की घोषणा की, 49 फीसदी तक रहेगा सरकार का योगदान

*सीतारमण ने 25000 करोड़ रुपये के समुद्री विकास कोष की घोषणा की, 49 फीसदी तक रहेगा सरकार का योगदान*

वित्त मंत्री ने बताया कि एक निर्दिष्ट आकार से ऊपर के बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर हार्मोनाइज्ड मास्टर लिस्ट (एचएमएल) में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहाजों की रेंज, श्रेणियां और क्षमता बढ़ाने के लिए जहाज निर्माण समूहों को सुविधा प्रदान की जाएगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बताया कि 25,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ एक समुद्री विकास फंड स्थापित किया जाएगा। 2025-26 का बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि इस राशि का उपयोग प्रतिस्पर्धा का समर्थन और उसे बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। इसमें सरकार का 49 फीसदी तक का योगदान होगा। पोत परिवहन में कच्चे माल घटकों पर अगले 10 वर्षों तक छूट जारी रखने का प्रस्ताव जारी किया गया। उन्होंने कहा कि लागत संबंधी नुकसान को दूर करने के लिए जहाज निर्माण वित्ती सहायता नीति को नया रूप दिया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि एक निर्दिष्ट आकार से ऊपर के बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर हार्मोनाइज्ड मास्टर लिस्ट (एचएमएल) में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, "जहाजों की रेंज, श्रेणियां और क्षमता बढ़ाने के लिए जहाज निर्माण समूहों को सुविधा प्रदान की जाएगी।"

वित्त मंत्री निर्मली सीतारमण ने बताया कि वर्तमान में टोनेज टैक्स योजना केवल समुद्र में जाने वाले जहाजों के लिए ही उपलब्ध है। मौजूदा टोनेज टैक्स योजना का लाभ भारतीय जहाज अधिनियम 2021 के तहत पंजीकृत अंतर्देशीय जहाजों तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। 


बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को रिकॉर्ड आठवां लगातार बजट पेश किया। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मंत्रालय पहुंचीं। वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी साथ थे। सीतारमण वित्त मंत्रालय से राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात वित्त मंत्री ने उन्हें बजट के अहम प्रावधानों और बदलावों की जानकारी दी। यह परंपरा है, जिसमें राष्ट्रपति की मंजूरी ली जाती है। राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री का दही चीनी खिलाकर मुंह मीठा कराया। साथ में नाश्ता भी किया। इसके बाद वह संसद भवन के लिए रवाना हुईं।कैबिनेट से बजट 2025 को मंजूरी मिलने के बाद सीतारमण ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया।