फडणवीस का मराठी साहित्य के लिए एआई-आधारित भाषा मॉडल पर जोर, बोले- आने वाली पीढ़ियों के लिए होगा मददगार

फडणवीस का मराठी साहित्य के लिए एआई-आधारित भाषा मॉडल पर जोर, बोले- आने वाली पीढ़ियों के लिए होगा मददगार

*फडणवीस का मराठी साहित्य के लिए एआई-आधारित भाषा मॉडल पर जोर, बोले- आने वाली पीढ़ियों के लिए होगा मददगार*

फडणवीस ने राज्य के मराठी भाषा विभाग से एआई आधारित मराठी भाषा मॉडल का प्रयोग करने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज में तीसरे 'विश्व मराठी सम्मेलन' में शामिल हुए। उन्होंने मराठी साहित्य को प्रदर्शित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि आने वाली पीढ़ियां महान मराठी लेखकों के कार्यों तक पहुंच सकें। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य के मराठी भाषा विभाग को मराठी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए एआई का उपयोग करके एक छोटा भाषा मॉडल विकसित करने का निर्देश दिया।

*सीएम फडणवीस ने किया सम्मेलन को संबोधित*

पिछले साल केंद्र सरकार ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का टैग दिया था। उदय सामंत की टिप्पणी के बाद कुछ लोगों ने इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर मराठी भाषा विभाग पर सवाल भी उठाए। इस पर सीएम फडणवीस ने कहा, "ऐसे कार्यक्रम बिना किसी चर्चा और मतभेद के पूरे नहीं हो सकते हैं। बहस पैदा करना हमारे मूल स्वभाव का हिस्सा है। दरअसल, हम भावुक और संवेदनशील लोग हैं। वाद-विवाद और बहस तो होनी ही चाहिए।"

मराठी को शस्त्रीय भाषा टैग मिलने पर फडणवीस ने कहा, "हमारी भाषा हमेशा शस्त्रीय रही है, लेकिन आधिकारिक मान्यता महत्वपूर्ण है। जब मुगलों ने फारसी को इस देश की राजभाषा बनाया तो वह छत्रपति शिवाजी महाराज ही थे जिन्होंने मराठी को स्वराज्य की आधिकारिक भाषा बनाया। उन्होंने ही मराठी को शाही मान्यता प्रदान की थी।"

*फडणवीस ने एआई मॉडल पर दिया जोर*

सीएम फडणवीस ने कहा कि मौजूदा समय एआई द्वारा संचालित है और मराठी को ज्ञान की भाषा में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "एआई के युग में हम अगर मराठी साहित्य को एक छोटे भाषा मॉडल में शामिल करते हैं तो हम एक चैटजीपीटी जैसा मॉडल बना सकते हैं। यह आने वाले पीढ़ियों को कई लेखकों तक पहुंचने में सक्षम बनाएगा।" फडणवीस ने राज्य के मराठी भाषा विभाग से एआई आधारित मराठी भाषा मॉडल का प्रयोग करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "वे दिन अब गए, जब साहित्यिक कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए वेबसाइटें बनाई जाती थीं। अब इसे एआई के माध्यम से इनोवेटिव तरीके से पेश करने की कोशिश की जा रही है।" इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए।