अमेरिका में व्यक्तिगत तौर पर झेला नस्लवाद'; एफबीआई निदेशक बनने से पहले सीनेट में बोले काश पटेल
*अमेरिका में व्यक्तिगत तौर पर झेला नस्लवाद'; एफबीआई निदेशक बनने से पहले सीनेट में बोले काश पटेल*
सीनेट न्यायपालिका समिति की सुनवाई के दौरान काश पटेल सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी नस्लवाद का सामना किया है। काश पटेल ने कहा कि 6 जनवरी को उन्हें अपनी जान का खतरा था, जब उनकी व्यक्तिगत जानकारी कांग्रेस द्वारा जारी की गई थी।
संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) निदेशक पद के लिए नियुक्त भारतीय अमेरिकी काश पटेल ने बृहस्पतिवार को सांसदों से कहा कि उन्होंने अमेरिका में दुर्भाग्य से व्यक्तिगत तौर पर नस्लवाद को झेला है। एफबीआई निदेशक बनने की पुष्टि के लिए सीनेट न्यायपालिका समिति की सुनवाई के दौरान 44 वर्षीय पटेल ने कहा कि मैं इस पर विस्तार से नहीं जाना चाहता। अगर उनकी पुष्टि होती है, तो वह एफबीआई के पहले हिंदू और भारतीय अमेरिकी निदेशक बनेंगे।
सीनेट न्यायपालिका समिति की सुनवाई के दौरान काश पटेल सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी नस्लवाद का सामना किया है। काश पटेल ने कहा कि 6 जनवरी को उन्हें अपनी जान का खतरा था, जब उनकी व्यक्तिगत जानकारी कांग्रेस द्वारा जारी की गई थी।
*सुनवाई के दौरान कैपिटल हिल में मौजूद थे पटेल के माता-पिता*
पटेल ने बताया कि उन्हें घृणित नामों से बुलाया गया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव कानून प्रवर्तन में काम करने वाले पुरुष और महिलाओं के लिए आम है। उनके माता-पिता, जो भारत से आए थे, इस सुनवाई के दौरान उनके साथ कैपिटल हिल में मौजूद थे। उन्होंने कहा, 'मैं आज उनके समर्थन और प्रेम के बिना यहां नहीं होता।'
*पटेल ने ट्रंप के इरादे का किया जिक्र*
पटेल ने कहा कि जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुझे एफबीआई के निदेशक के रूप में नामित करने के अपने इरादे के बारे में बताया, तो मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा था। उन्होंने कहा कि आज यहां बैठकर, मैं न केवल अपने माता-पिता के सपनों को लेकर चल रहा हूं, बल्कि उन लाखों अमेरिकियों की उम्मीदों को भी लेकर चल रहा हूं जो न्याय, निष्पक्षता और कानून के शासन के लिए खड़े हैं।
*पटेल ने बताई एफबीआई की प्राथमिकता*
पटेल ने सांसदों को आश्वासन दिया कि अगर उनकी नियुक्ति होती है, तो FBI की प्राथमिकता यह होगी कि समुदाय सुरक्षित रहें और बच्चों को खेलने के लिए पार्क मिले।
*काश पटेल अमेरिका में इतने अहम क्यों*
बता दें कि राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने काश पटेल को संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) का प्रमुख नियुक्त किया है। ट्रंप ने पटेल को जिस एफबीआई निदेशक पद के लिए नामित किया है इस पर सामान्यतः 10 वर्षों के लिए नियुक्ति होती है। ट्रंप के प्रशासन में 44 वर्षीय पटेल सर्वोच्च पद पर नियुक्त भारतीय-अमेरिकी हैं। नियुक्ति की पुष्टि के बाद पटेल अमेरिका की शीर्ष जांच एजेंसी का नेतृत्व करने वाले पहले भारतीय अमेरिकी होंगे। पटेल क्रिस्टोफर रे की जगह लेंगे जिन्हें ट्रंप का वफादार समर्थक माना जाता है