पूर्व श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे के बेटे हेराफेरी मामले में दोषी करार, 2016 में हुई थी गिरफ्तारी

पूर्व श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे के बेटे हेराफेरी मामले में दोषी करार, 2016 में हुई थी गिरफ्तारी

*पूर्व श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे के बेटे हेराफेरी मामले में दोषी करार, 2016 में हुई थी गिरफ्तारी*

महिंदा राजपक्षे को हाल ही में सरकार के गुस्से का सामना करना पड़ा था, क्योंकि वे सरकारी वास खाली करने में विफल रहे थे। सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति पर करदाताओं के खर्च पर लाभ उठाने का आरोप लगाया।

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे को 2015 से पहले भारतीय निवेश से जुड़े हेराफेरीके मामले में हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया। 38 वर्षीय नमल राजपक्षे को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। उनपर रग्बी के खेल को विकसित करने के लिए कृष होटल परियोजना के पैसे से 70 मिलियन श्रीलंकाई रुपये का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है। कोलंबो के मध्य में स्थि कृष होटल परियोजना को रद्द कर दिया गया और अधूरा निर्माण कार्य अभी भी वैस ही पड़ा हुआ है। राहगीरों के लिए खतरे को देखते हुए एक अन्य अदालत में इसकी असुरक्षित स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं

*अनुरा कुमार दिसानायके के राष्ट्रपति बनने के बाद मुद्दे को उठाया गया*

अनुरा कुमार दिसानायके के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद इस मामले को एक बार फिर उठाया गया, जिसके बाद पुलिस ने एकबार फिर नमल राजपक्षे से पूछताछ की। इसके एक हफ्ते बाद उनके छोटे भाई योशिथा को इसी तरह के संदिग्ध संपत्ति मामले को लेकर गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सोमवार को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। नमल राजपक्षे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के बारे में मालूम चला। इस पोस्ट में कहा गया, यह स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार ने राजपक्षे परिवार के खिलाफ राजनीतिक साजिश शुरू कर दी है।

*महिंदा राजपक्षे को करना पड़ा सरकार के गुस्से का सामना*

महिंदा राजपक्षे को हाल ही में सरकार के गुस्से का सामना करना पड़ा था, क्योंकि वे सरकारी वास खाली करने में विफल रहे थे। सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति पर करदाताओं के खर्च पर लाभ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा में भारी कटौती करने की सरकार की कार्रवाई को पलटने के लिए पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। विपक्ष का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति संवैधानिक तौर पर सेवानिवृत्ति लाभ के हकदार हैं।