यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने सीरिया पर प्रतिबंधों को हटाने पर जताई सहमति, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त

यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने सीरिया पर प्रतिबंधों को हटाने पर जताई सहमति, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त

*यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने सीरिया पर प्रतिबंधों को हटाने पर जताई सहमति, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त*

प्रतिबंध झेल रहे सीरिया को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है। जहां यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने सीरिया पर लगे प्रतिबंध को हटाने के प्रयासों पर सहमति जताई है। हालांकि विदेश मंत्रियों ने प्रतिबंध हटाने को लेकर एक बड़ी शर्त भी रख दी है।

यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को सीरिया पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई है, लेकिन यह शर्त रखी है कि अगर सीरिया के नए शासक देश में दुर्व्यवहार करते हैं, तो प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए जाएंगे। बता दें कि यूरोपीय संघ ने 2011 में सीरिया में हुए संघर्ष के दौरान बशर असद सरकार के खिलाफ यह प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें संपत्ति जब्त करने और यात्रा प्रतिबंध शामिल थे।

*यूरोपिय संघ सीरिया के भविष्य के लिए*

यूरोपीय संघ ने सीरिया पर प्रतिबंध हटाने पर सहमति जताने के बाद अब सीरिया का नेतृत्व एक शांतिपूर्ण राजनीतिक भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाए, जिसमें सभी अल्पसंख्यक समूहों का समावेश हो और उग्रवाद, रूस और ईरान जैसे पूर्व सहयोगियों के प्रभाव से बचा जाए।

*यूरोपीय संघ विदेश नीति प्रमुख का बयान*

मामले में यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि मंत्री प्रतिबंधों को कम करने के लिए एक रोडमैप पर सहमति बने हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कैलास ने यह भी बताया कि तकनीकी मुद्दों को हल करने के बाद ही प्रतिबंधों में ढील दी जा सकेगी।

*फिर से प्रतिबंध लगा लकता है यूरोप*

साथ ही मंत्रियों का मानना है कि प्रतिबंधों में ढील सीरियाई अर्थव्यवस्था को सुधारने में मदद कर सकती है और देश को फिर से खड़ा होने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, अगर स्थिति खराब होती है तो यूरोपीय संघ प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के लिए तैयार रहेगा।

*डच विदेश मंत्री का बयान*

डच विदेश मंत्री कैस्पर वेल्डकैंप ने बताया कि प्रतिबंधों को हटाने का उद्देश्य सीरिया के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों को कम करना है, ताकि देश की विकास प्रक्रिया को गति मिल सके। हालांकि, हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध जारी रहेंगे।


गौरतलब है कि सीरिया में हाल ही में हुए बदलावों के बावजूद, नए नेतृत्व ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह देश को किस दिशा में ले जाना चाहता है। इसके अलावा आतंकवादी संगठन हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) ने देश के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है और यूरोपीय संघ ने इस संगठन के खिलाफ प्रतिबंधों को कम करने का कोई इरादा नहीं जताया है।