अब कोलंबिया में आपातकाल लगाने की तैयारी, राष्ट्रपति पेट्रो बोले- हिंसा रोकने के लिए उठाएंगे सख्त कदम

अब कोलंबिया में आपातकाल लगाने की तैयारी, राष्ट्रपति पेट्रो बोले- हिंसा रोकने के लिए उठाएंगे सख्त कदम

*अब कोलंबिया में आपातकाल लगाने की तैयारी, राष्ट्रपति पेट्रो बोले- हिंसा रोकने के लिए उठाएंगे सख्त कदम*

कोलंबिया में शांति वार्ता नाकाम होने के बाद हिंसा का दौर जारी है। इस हिंसा में अब तक 80 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और दो दर्जन के करीब लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा कि वह देश के उत्तर पूर्व में लगातार हो रहे गुरिल्ला हमलों के बाद आंतरिक उथल-पुथल की स्थिति की घोषणा करेंगे। मुझे उम्मीद है कि न्यायिक प्रणाली हमारा समर्थन करेगी।

कोलंबिया में जारी हिंसा को खत्म करने के लिए बागी गुट के साथ चल रही शांति वार्ता नाकाम होने के बाद राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने आपातकाल लागू करने की तैयारी कर ली है। उन्होंने एक्स पर संदेश में इसका जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएंगे।

राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा कि वह देश के उत्तर पूर्व में लगातार हो रहे गुरिल्ला हमलों के बाद आंतरिक उथल-पुथल की स्थिति की घोषणा करेंगे। मुझे उम्मीद है कि न्यायिक प्रणाली हमारा समर्थन करेगी। कोलंबिया के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति और उनका मंत्रिमंडल जब डिक्री पर हस्ताक्षर कर देगा तो आपातकाल प्रभावी हो जाएगा, लेकिन इसे कोलंबिया की अदालत अमान्य कर सकती है। हालांकि इस आपातकाल का इस्तेमाल कांग्रेस को निलंबित करने और नागरिक अधिकारों को खत्म करने के लिए नहीं किया जा सकता है।

दरअसल कोलंबिया में शांति वार्ता नाकाम होने के बाद हिंसा का दौर जारी है। इस हिंसा में अब तक 80 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और दो दर्जन के करीब लोग घायल हुए हैं। हिंसा के चलते हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। हिंसा कोलंबिया के कैटाटुम्बो क्षेत्र में हो रही है। हिंसा को देखते हुए राष्ट्रपति पेट्रो ने विद्रोही समूह नेशनल लिबरेशन आर्मी (ईएलएन) को चेतावनी दी थी कि उनकी सेना कार्रवाई करेगी। 


पेट्रो ने एक्स पर लिखा कि ईएलएन ने युद्ध का रास्ता चुना है तो उनको यही मिलेगा। उन्होंने ईएलएन अब मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला समूह बन गया है। ईएलएन शांति और लोगों से पूरी तरह से अलग हो गया है। पेट्रो ने 2022 में ईएलएन के साथ शांति वार्ता शुरू की थी, लेकिन कई मुद्दों पर असहमति के चलते वार्ता रुक गई है।

*क्या है हिंसा की वजह*

कैटाटुम्बो क्षेत्र कोकीन बनाने और तस्करी के लिए बदनाम है। इस इलाके में प्रभाव रखने वाले दो सशस्त्र संगठन नेशनल लिबरेशन आर्मी और कोलंबिया मार्क्ससिस्ट रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस (FARC) गुट के बीच यह हिंसा हो रही है। इन दोनों गुटों के बीच शांति की कोशिश की जा रही थी, लेकिन उसके नाकाम होने के बाद हिंसा भड़क गई। इस हिंसा की चपेट में कई आम नागरिक भी आ गए हैं। हिंसा के चलते स्थानीय लोग पलायन कर गए हैं और कई पड़ोसी राज्यों में रह रहे हैं तो कुछ लोग कोलंबिया की सीमा पार कर वेनेजुएला पहुंच गए हैं। कैटाटुम्बो क्षेत्र की सीमाएं वेनेजुएला से लगती हैं। शरणार्थियों के लिए नजदीकी शहरों में आश्रय स्थल बनाए गए हैं।