युद्ध विराम समझौते के विरोध में इस्राइल की दक्षिणपंथी पार्टी, नेतन्याहू सरकार का छोड़ा साथ
*युद्ध विराम समझौते के विरोध में इस्राइल की दक्षिणपंथी पार्टी, नेतन्याहू सरकार का छोड़ा साथ*
युद्ध विराम समझौते के विरोध में दक्षिणपंथी पार्टी ओत्जमा येहुदित ने नेतन्याहू सरकार का साथ छोड़ दिया है। पार्टी के नेता और इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के मंत्री इटमार बेन ग्वीर कहा कि उनकी पार्टी के कैबिनेट मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि नेतन्याहू की सरकार पर ओत्जमा येहुदित के अलग होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इस्राइल-हमास के बीच हुए युद्ध विराम समझौते के विरोध में दक्षिणपंथी पार्टी ओत्जमा येहुदित ने नेतन्याहू सरकार का साथ छोड़ दिया है। पार्टी के नेता और इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के मंत्री इटमार बेन ग्वीर कहा कि उनकी पार्टी के कैबिनेट मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि नेतन्याहू की सरकार पर यहूदी पार्टी ओत्जमा येहुदित के अलग होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे न तो गठबंधन टूटेगा और न ही युद्ध विराम समझौता प्रभावित होगा। मगर बेन ग्वीर के जाने से गठबंधन अस्थिर हो गया है।
इस्राइल और हमास के बीच गाजा में युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई को लेकर सहमति बनी है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू सरकार की सहयोगी दक्षिणपंथी पार्टी ओत्जमा येहुदित इसे लेकर पहले भी विरोध जता चुकी है। इससे पहले पार्टी के नेता और इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के मंत्री इटमार बेन ग्वीर ने युद्ध विराम समझौते की आलोचना की थी। उन्होंने समझौते को जल्दबाजी करार दिया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि यह समझौता जल्दबाजी में किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों हत्यारे आतंकियों की रिहाई, गाजा पट्टी में आतंकियों की वापसी, फिलाडेल्फिया से वापसी और लड़ाई की समाप्ति शामिल है। यह समझौता युद्ध की सारी उपलब्धियों को खत्म कर देगा।
*इस्राइली बंधकों और फलस्तीनी बंदियों की होगी रिहाई*
समझौते के तहत हमास और उससे जुड़े संगठन सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर हमलों के बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करेंगे। इसके बाद इस्राइल सैकड़ों फलस्तीनी बंदियों को रिहा करेगा। यह समझौता गाजा के लोगों के लिए एक साल से अधिक समय में पहली बार संघर्ष से राहत देगा और इस्राइल के हमलों के हमलों की शुरुआत के बाद से यह दूसरी बार होगा जब गाजा में युद्धविराम होगा। इस समझौते के तहत फलस्तीनी नागरिकों को गाजा के उत्तरी हिस्से में लौटने की अनुमति मिलेगी और गाजा में मानवीय मदद पहुंचाई जाएगी, जहां के निवासी लंबे समय से भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।