जेलेंस्की से मिलने पहुंचे ब्रिटिश PM स्टार्मर, यूक्रेन-ब्रिटेन बनाएंगे अगले 100 साल की रणनीति
*जेलेंस्की से मिलने पहुंचे ब्रिटिश PM स्टार्मर, यूक्रेन-ब्रिटेन बनाएंगे अगले 100 साल की रणनीति*
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मिलने के लिए कीव पहुंच गए हैं। स्टार्मर कीव में यूक्रेन को एक सदी तक सुरक्षा की गारंटी देने का वादा लेकर आए हैं। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि यूक्रेन में स्टार्मर और जेलेंस्की 100 साल की साझेदारी पर हस्ताक्षर करेंगे। इसमें रक्षा, विज्ञान, ऊर्जा और व्यापार समेत तमाम मुद्दे शामिल हैं।
रूस के साथ युद्ध कर रहे यूक्रेन की मदद के लिए ब्रिटेन लगातार पहल कर रहा है। अब ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मिलने के लिए कीव पहुंच गए हैं। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले स्टार्मर कीव में यूक्रेन को एक सदी तक सुरक्षा की गारंटी देने का वादा लेकर आए हैं।
ब्रिटिश सरकार ने कहा कि यूक्रेन में स्टार्मर और जेलेंस्की 100 साल की साझेदारी पर हस्ताक्षर करेंगे। इसमें रक्षा, विज्ञान, ऊर्जा और व्यापार समेत तमाम मुद्दे शामिल हैं। जुलाई में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद कीर स्टार्मर की यह पहली यूक्रेन यात्रा है। इससे पहले उन्होंने 2023 में विपक्ष के नेता के रूप में कीव का दौरा किया था। हालांकि स्टार्मर दो बार यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से 10 डाउनिंग स्ट्रीट में बातचीत कर चुके हैं
*यूक्रेन को कमजोर नहीं पड़ने देंगे: ब्रिटेन*
ब्रिटेन का कहना है कि उसकी 100 साल की साझेदारी में यह भी शामिल है कि वह किसी भी कीमत पर यूक्रेन को रूस के हमले के बाद भी कमजोर नहीं पड़ने देगा। यह समझौता दोनों पक्षों को रक्षा पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध करता है। इसमें बाल्टिक सागर, काला सागर और आजोव सागर में रूस के खिलाफ समुद्री सुरक्षा और ड्रोन सहित प्रौद्योगिकी परियोजनाओं में समर्थन करना शामिल है। साझेदारी में यूक्रेन के कब्जे वाले हिस्सों से रूस द्वारा निर्यात किए गए चोरी किए गए यूक्रेनी अनाज को ट्रैक करने में मदद करने के लिए तैयार की गई एक प्रणाली भी शामिल है।
जेलेंस्की ने कहा कि वह और स्टार्मर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा प्रस्तावित एक योजना पर भी चर्चा करेंगे, जिसके तहत युद्ध विराम समझौते की निगरानी के लिए फ्रांस और अन्य पश्चिमी देशों के सैनिकों को यूक्रेन में तैनात किया जाएगा। इस प्रस्ताव को यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की समयसीमा के साथ जोड़ा जाना चाहिए। गठबंधन के 32 सदस्य देशों का कहना है कि यूक्रेन एक दिन नाटो में शामिल हो जाएगा, लेकिन युद्ध के बाद ही।
*यूक्रेन का बड़ा सैन्य समर्थक है* ब्रिटेन, आर्थिक मदद का एलान कर सकते हैं स्टार्मर
ब्रिटेन को यूक्रेन का बड़ा सैन्य समर्थक माना जाता है। तीन साल पहले रूस के हमले के बाद से ब्रिटेन यूक्रेन को सैन्य और नागरिक सहायता के तौर पर 12.8 बिलियन पाउंड ($16 बिलियन) देने का वादा कर चुका है। इसके साथ ही यूक्रेन के 50 हजार अधिक सैनिकों को भी ब्रिटेन ने प्रशिक्षण दिया है। बताया जा रहा है स्टार्मर एक बार फिर यूक्रेन में आर्थिक सुधार के लिए 40 मिलियन पाउंड ($49 मिलियन) का एलान कर सकते हैं।
*ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले यूक्रेन की मदद को उतरे सहयोगी देश*
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करने से पहले यूक्रेन के सहयोगी देश उसकी मदद के लिए सारे प्रयास कर रहे हैं। इस मदद का उद्देश्य युद्ध को समाप्त करने के लिए होने वाली वार्ता में यूक्रेन को मजबूत स्थिति में रखना है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि किसी भी शांति वार्ता में यूक्रेन को अपने बड़े पड़ोसी देश से भविष्य की सुरक्षा के बारे में आश्वासन जरूरत होगी।
*शांति वार्ता से पहले बढ़ रही तल्खी*
रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन साल पूरे होने को हैं। अब दोनों के बीच शांति वार्ता की पहल की जा रही है। इससे पहले दोनों देश युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। यूक्रेन ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र में हमला शुरू कर दिया है। उसने रूस के अंदर हथियार स्थलों और ईंधन डिपो पर ड्रोन और मिसाइल हमले बढ़ा दिए हैं। वहीं रूस भी पूर्वी यूक्रेन में 600 मील (1,000 किलोमीटर) क्षेत्र में भारी क्षति के बाद भी कब्जा कर रहा है। वह यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली पर तीव्र बमबारी कर रहा है , ताकि यूक्रेन के लोगों को परेशान किया जा सके। बुधवार को यूक्रेन के कई इलाकों में रूस के बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों ने बड़ा हमला किया। इसके चलते कई बिजली ग्रिड को बंद करना पड़ा।