बाइडन ने विदेश नीति पर की अंतिम वार्ता, रूस-यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिकी योगदान पर डाला प्रकाश
*बाइडन ने विदेश नीति पर की अंतिम वार्ता, रूस-यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिकी योगदान पर डाला प्रकाश*
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को अपने कार्यकाल के दौरान विदेश नीति पर अंतिम बार संबोधित किया इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में दो प्राथमिक उद्देश्यों को प्राप्त करने में काम किया गया। इसमें पहला यूक्रेन के लिए वैश्विक समर्थन जुटाना और दूसरा परमाणु शक्तियों के बीच संघर्ष को रोकने को बताया।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद के लिए शपथ ग्रहण करने वाले है। इसके बाद वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा, जिसको लेकर बाइडन ने सोमवार को विदेश नीति पर अंतिम बार संहोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने कार्याकाल में विदेशों में अमेरिकी भागेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में दो प्राथमिक उद्देश्यों को प्राप्त करने में काम किया गया। इसमें पहला यूक्रेन के लिए वैश्विक समर्थन जुटाना और दूसरा परमाणु शक्तियों के बीच संघर्ष को रोकना है।
*यूक्रेन की स्थिति पर किया बातचीत*
बाइडन ने बताया कि उनके प्रशासन ने आने वाले समय के लिए भी यूक्रेन का समर्थन जारी रखने की नींव रखी है, ताकि ट्रंप प्रशासन भी इसे बनाए रखे। बाइडन ने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका की ताकत बढ़ी है, न अमेरिका में बल्कि दुनिया में भी। उनका कहना था कि जब उन्होंने और कमला हैरिस ने पद संभाला, तब से अमेरिका पहले से ज्यादा सक्षम और तैयार है।
*रूस पर दवाब बनाने के लिए किए प्रयास*
साथ ही बाइडन का कहना था कि उन्होंने दुनिया भर से यूक्रेन का समर्थन हासिल करने में मदद की, ताकि रूस को दबाव में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि एक और महत्वपूर्ण काम यह था कि अमेरिका और रूस के बीच परमाणु युद्ध से बचने के लिए कदम उठाए जाएं, जिससे पूरी दुनिया सुरक्षित रह सके।