सियासत: 'उन्होंने किसी को पार्टी बदलने के लिए नहीं कहा', तटकरे पर जितेंद्र आव्हाड के आरोपों को अजित ने नकारा

सियासत: 'उन्होंने किसी को पार्टी बदलने के लिए नहीं कहा', तटकरे पर जितेंद्र आव्हाड के आरोपों को अजित ने नकारा

*सियासत: 'उन्होंने किसी को पार्टी बदलने के लिए नहीं कहा', तटकरे पर जितेंद्र आव्हाड के आरोपों को अजित ने नकारा*

अजित पवार ने एनसीपी नेता सुनील तटकरे पर एनसीपी (एसपी) गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड द्वारा लगाए गए आरोपों को झुठा बताया है। उन्होंने कहा कि तटकरे ने किसी को पार्टी बदलने के लिए नहीं कहा।

एनसीपी नेता सुनील तटकरे पर शरद गुट के सांसदों को पार्टी बदलने के लिए प्रेरित करने वाले आरोपों पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बयान सामने आया है। जहां पवार ने गुरुवार को उन आरोपों का खंडन किया, जिसमें यह कहा गया था कि उनकी पार्टी के नेता सुनील तटकरे ने शरद पवार के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों को पाला बदलने के लिए बुलाया था।

साथ ही डिप्टी सीएम ने बीड सरपंच देशमुख हत्या कांड पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बीड के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपनी पार्टी और कैबिनेट सहयोगी धनंजय मुंडे का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि मुंडे ने उन्हें बताया है कि वह देशमुख की हत्या में शामिल नहीं थे।

बता दें कि एनसीपी एसपी गुट के विधायक और पूर्व राज्य मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने बुधवार को आरोप लगाया था कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के राज्य प्रमुख सुनील तटकरे ने सांसदों से पिता और बेटी को छोड़ने के लिए कहा था, जो शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले के मामले में था। हालांकि तटकरे ने कहा कि नवंबर में विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद एनसीपी (एसपी) को एकजुट रखने के लिए इस तरह के निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।

*अजित पवार ने आरोपों को बताया झूठा* 

एनसीपी एसपी गुट के विधायक के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब झूठ है। एनसीपी-एसपी के तीन से चार सांसदों नीलेश लंके, अमर काले और दो अन्य ने मीडिया के सामने यह साफ किया है कि तटकरे या किसी और ने उनसे संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर वे लोग कह रहे हैं कि उन्हें कोई कॉल नहीं आया है, तो आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं?

*धनंजय मुंडे का किया बचाव*

इसके साथ ही मुंडे के इस्तीफे की मांग पर पवार ने कहा कि मुंडे ने उन्हें बताया है कि वह देशमुख की हत्या में शामिल नहीं थे। पवार ने कहा कि अदालत एसआईटी और सीआईडी इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।


बता दें कि 9 दिसंबर को मसजोग के सरपंच देशमुख का अपहरण कर उन्हें प्रताड़ित किया गया और हत्या कर दी गई। यह हत्या उस वक्त की गई जब उन्होंने एक पवन चक्की परियोजना से जुड़े एक ऊर्जा कंपनी के जबरन वसूली के प्रयासों को रोकने का प्रयास किया था। हत्या के मामले की जांच राज्य सीआईडी की विशेष जांच टीम द्वारा की जा रही है।