भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने का काम करेंगे', सुलिवन से मुलाकात के बाद बोले पीएम मोदी
*भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने का काम करेंगे', सुलिवन से मुलाकात के बाद बोले पीएम मोदी*
डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। वह 20 जनवरी को अपना पद संभालेंगे। उनके शपथ लेने से दो सप्ताह पहले जेक सुलिवन भारत की यात्रा पर हैं। अपनी भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी एनएसए ने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी अलग-अलग बातचीत की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच की रणनीतिक साझेदारी ने नई ऊंचाइयों को छुआ है, और भारत संबंधों में इस गति को और बढ़ाने की उम्मीद कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। वह 20 जनवरी को अपना पद संभालेंगे। उनके शपथ लेने से दो सप्ताह पहले जेक सुलिवन भारत की यात्रा पर हैं। अपनी भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी एनएसए ने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी अलग-अलग बातचीत की है। सुलिवन की यात्रा विदेश मंत्री जयशंकर द्वारा अमेरिका की छह दिवसीय यात्रा समाप्त करने के कुछ दिनों बाद हुई है।
*जेक सुलिवन से मिलकर खुशी हुई: पीएम मोदी*
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से मिलकर खुशी हुई। भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी ने प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों सहित नई ऊंचाइयों को छुआ है। हमारे लोगों और वैश्विक भलाई के लिए हमारे दोनों लोकतंत्रों के बीच संबंधों में इस गति को और बढ़ाने की उम्मदी है।'
*सुलिवन ने अमेरिकी मिसाइल निर्यात नियंत्रण नीतियों की दी जानकारी*
डोभाल-सुलिवन बैठक के बाद, अमेरिकी एनएसए सुलिवन ने भारत को मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) के तहत अमेरिकी मिसाइल निर्यात नियंत्रण नीतियों में बाइडन प्रशासन द्वारा लाए गए अपडेट के बारे में जानकारी दी, जिससे भारत के साथ अमेरिकी वाणिज्यिक अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
*रणनीतिक साझेदार और शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग को दर्शाती है* अमेरिका-भारत की प्रगति
संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा गया, 'अमेरिका और भारत ने जो प्रगति की है, वह दर्शाती है कि दोनों देश रणनीतिक साझेदार हैं और शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग के प्रति प्रतिबद्ध हैं। सुलिवन ने भारतीय परमाणु संस्थाओं को सूची से हटाने के लिए आवश्यक कदमों का ऐलान किया, जिससे असैन्य परमाणु सहयोग और लचीली स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा मिलेगा।'
वक्तव्य में यह भी कहा गया कि सुलिवन की यात्रा ने दोनों पक्षों को रक्षा, साइबर और समुद्री सुरक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में उच्च स्तरीय वार्ता की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर दिया।
*बैठक में अमेरिका-भारत पहल के कार्यान्वयन पर हुई चर्चा*
बैठक में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी (आईसीईटी) पर अमेरिका-भारत पहल के कार्यान्वयन चर्चा हुई। दोनों एनएसए ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, अर्धचालक, दूरसंचार, रक्षा और अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच ठोस पहल की है।