ट्रूडो के इस्तीफे का कनाडा-भारत के रिश्तों पर क्या असर? यहां समझें मामले से जुड़े हर पहलू के मायने

ट्रूडो के इस्तीफे का कनाडा-भारत के रिश्तों पर क्या असर? यहां समझें मामले से जुड़े हर पहलू के मायने

*ट्रूडो के इस्तीफे का कनाडा-भारत के रिश्तों पर क्या असर? यहां समझें मामले से जुड़े हर पहलू के मायने*

भारत के साथ अपने देश के संबंधों को तनावपूर्ण बनाने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने पद और लिबरल पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है। कनाडाई पीएम के इस कदम की दुनियाभर में बातचीत हो रही है। इसी बीच एक सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि ट्रूडो के इस कदम से भारत-कनाडा के रिश्ते पर कैसा प्रभाव पड़ने वाला है...

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे ने कनाडा की राजनीति में भूचाल ला दिया है। ट्रूडो इस्तीफे ने कनाडा की राजनीति में गर्माहट है ही लेकिन अब एक सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि ट्रूडो के इस कदम से भारत-कनाडा के रिश्ते पर कैसा असर पड़ने वाला है? इसी बीच तेजी से खड़े हो रहे भारत-कनाडा के रिश्ते को लेकर कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन ने कहा कि ट्रूडो का इस्तीफा भारत के लिए अच्छा हो सकता है। 



बता दें कि भारत के साथ अपने देश के संबंधों को तनावपूर्ण बनाने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने पद और लिबरल पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रूडो ने पार्टी अध्यक्ष से नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है। नए नेता के चुनाव होने तक वह पीएम बने रहेंगे। कनाडा में अक्तूबर में आम चुनाव होने हैं

*कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन का तर्क*

भारत-कनाडा संबंधों पर असर पड़ने वाले सवाल के जवाब में कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन ने कहा कि यह भारत के लिए अच्छा हो सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में अपने सीमित अनुभवों के आधार पर उन्हें यह महसूस हुआ कि भारतीयों को कनाडा से कोई समस्या नहीं है, वे कनाडा को पसंद करते हैं। हालांकि, जब ट्रूडो और जगमीत सिंह का नाम आता है, तो भारतीय गुस्से में आ जाते हैं और चिल्लाने लगते हैं। बोर्डमैन ने भरोसा जताया कि कंजर्वेटिव सरकार के आने के बाद इस स्थिति में सुधार हो सकता है।

*ट्रूडो के इस्तीफे से कनाडाई लोगों में खुशी का महौल*

कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन के मुताबिक प्रधानमंत्री ट्रूडो के इस्तीफे से कनाडा में लोग खुशी का महौल हैं और यह स्थिति संसद की जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च तक लिबरल पार्टी का नेतृत्व बदल सकता है और कनाडा में गर्मियों में चुनाव होने की संभावना है। साथ ही बोर्डमैन ने यह भी कहा कि ट्रूडो का पिछले आठ सालों में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ खड़ा होना कनाडा और अमेरिका के रिश्तों में अस्थिरता का कारण बना।

*कनाडा में महंगाई और बेरोजगारी के लिए ट्रूडो जिम्मेदार*

कनाडा में हाल में हुए सभी सर्वेक्षणों में ट्रूडो लगातार पीछे चल रहे थे। देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी के लिए ट्रूडो की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। देशवासी लंबे समय से सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। वहीं, विपक्ष के नेता पियरे पोलिवर लगातार उनपर हमलावर हैं। 


गौरतलब है कि पिछले नौ साल से अधिक समय से प्रधानमंत्री रहे ट्रूडो की सरकार सदन में न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के समर्थन से चल रही थी। हालांकि, ट्रूडो की पार्टी के साथ देश में भी बढ़ती अलोकप्रियता को देखते हुए एनडीपी के अध्यक्ष और सिख नेता जगमीत सिंह ने पिछले दिनों घोषणा की कि वह सदन में अब ट्रूडोका समर्थन नहीं करेंगे। सिंह ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की भी घोषणा की थी।

*ट्रंप ने भी दी प्रतिक्रया*

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे को लेकर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपनी पूरानी बात को दोहराई। उन्होंने कहा कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ट्रूडो ने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि उन्हें यह एहसास हो गया था कि अमेरिका अब कनाडा को आर्थिक रूप से सहारा देने के लिए भारी व्यापार घाटे और सब्सिडी का बोझ नहीं उठा सकता।