US में PM मोदी से मुलाकात और चीन के साथ BRI अहम; पड़ोसी-मित्र देशों के साथ संबंध पर केपी ओली

US में PM मोदी से मुलाकात और चीन के साथ BRI अहम; पड़ोसी-मित्र देशों के साथ संबंध पर केपी ओली

*US में PM मोदी से मुलाकात और चीन के साथ BRI अहम; पड़ोसी-मित्र देशों के साथ संबंध पर केपी ओली*

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात अहम साबित होगी। उन्होंने चीन के साथ बीआरआई समझौते पर हस्ताक्षर को भी अहम बताया।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत और चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने को लेकर अहम बयान दिया। ओली ने कहा कि अमेरिका दौरे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 79वीं बैठक के दौरान भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से अहम रही। उन्होंने चीन के साथ बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) से जुड़े समझौते का भी जिक्र किया।

*पीएम मोदी और चीन के साथ समझौते पर क्या बोले?*

ओली ने कहा कि चीन के साथ बीआरआई परियोजना को लेकर हुए समझौते और पीएम मोदी के साथ मुलाकात ने पड़ोसी देशों के साथ नेपाल के संबंधों को मजबूत करने में सार्थक योगदान दिया है। 72 वर्षीय नेपाली प्रधानमंत्री ओली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के नेता हैं।

*संतुलित विदेश नीति अपनाएगा नेपाल*

उन्होंने पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में राजनीतिक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा, दोनों पड़ोसियों के साथ-साथ सभी मित्र देशों के साथ बहुआयामी कूटनीति, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए संतुलित विदेश नीति अपनाई जाएगी।

*नेपाल पड़ोसी देशों की वैध चिंताओं के प्रति संवेदनशील*

उन्होंने कहा कि नेपाल के राष्ट्रीय हित को केंद्र में रखते हुए आपसी हित और समान लाभ पर आधारित नीतियां बनाई जाएंगी। पीएम ओली ने कहा, 'हम पड़ोसियों के साथ-साथ मित्र देशों के साथ भरोसेमंद संबंध और आर्थिक सहयोग विकसित करना चाहते हैं। नेपाल अपने मित्र और पड़ोसी देशों की वैध चिंताओं के प्रति संवेदनशील है।'

*हमारी चिंताओं के प्रति संवेदनशील और सहयोगी रहें मित्र देश*

नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी विदेश नीति के मूल दिशानिर्देश 'सभी के साथ मित्रता और किसी के साथ शत्रुता नहीं' हैं। उन्होंने कहा, 'हम यह भी चाहते हैं कि हमारे सभी मित्र देश, जिनमें पड़ोसी देश भी शामिल हैं, हमारे राष्ट्रीय हितों और चिंताओं के प्रति संवेदनशील, सहयोगी और सकारात्मक रहें।'