केरल मिनी पाकिस्तान', नितेश राणे के बयान पर चढ़ा सियासी पारा, कांग्रेस ने उठाई अयोग्यता की मांग
*केरल मिनी पाकिस्तान', नितेश राणे के बयान पर चढ़ा सियासी पारा, कांग्रेस ने उठाई अयोग्यता की मांग*
बीते रविवार को पुणे के एक रैली में नितेश राणे ने कांग्रेस पर निशान साधते हुए केरल को मिनी पाकिस्तान बताया था। इसको लेकर देश में राजनीतिक गर्माहट अपने चरम पर पहुंच गई। मामले में अब कांग्रेस ने राणे के बयान की कड़ी निंदा करते हुए राणे को मंत्री पद से अयोग्य ठहराने की मांग की है।
भजपा नेता और महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे के केरल को मिनी पाकिस्तान बताने वाले बयान ने देश की सियासत को गर्म कर रखा है। राणे के इस बयान का विरोध पूरे भारत में हो रहा है, जिसको लेकर बात इतनी बढ़ गई है कि कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के खिलाफ अयोग्यता की मांग की।
बता दें कि रविवार को पुणे जिले में एक रैली में भाजपा नेता नितेश राणे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए केरल को मिनी पाकिस्तान बताया था। उन्होंने कहा था कि सभी आतंकवादी गांधी परिवार को वोट देते हैं। राणे ने वायनाड लोकसभा सीट पर कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की चुनावी जीत का हवाला देते हुए यह बयान दिया था।
*कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने की निंदा*
नितेश राणे के बयान पर कांग्रेस के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने राणे के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पर प्रतिक्रिया देने की मांग की। उन्होंने राणे को उनकी विभाजनकारी टिप्पणियों के लिए मंत्री पद से अयोग्य ठहराने की मांग की। वेणुगोपाल ने कहा कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से चुनौती दी जाएंगी।
*राणे ने दी सफाई*
बढ़ते मामले को देखते हुए सोमवार को भाजपा नेता ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि केरल भारत का हिस्सा है। उन्होंने पाकिस्तान से केवल केरल में हो रहे घटनाक्रमों के संदर्भ में तुलना की थी। राणे ने कहा कि अगर पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ जैसा व्यवहार हो रहा है, वैसे ही घटनाएं भारत में हो रही हैं, तो इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
*उठने लगी इस्तीफे की मांग*
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने नितेश राणे के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि राणे को मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राणे की टिप्पणी केरल के लोगों को अपमानित करने वाली है। साथ ही सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता ए विजयराघवन के बयान का हवाला देते हुए सतीशन ने कहा कि भाजपा अब वही सांप्रदायिक टिप्पणी अपना रही है, जो पहले सीपीआई(एम) ने की थी। वहीं केपीसीसी प्रमुख के सुधाकरन ने भी आरोप लगाया कि भाजपा और सीपीआई(एम) मिलकर केरल की धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।