किसानों के समर्थन में आज पंजाब बंद, बस-ट्रेन सेवा रहेगी प्रभावित; खनौरी बॉर्डर पर हलचल शुरू

किसानों के समर्थन में आज पंजाब बंद, बस-ट्रेन सेवा रहेगी प्रभावित; खनौरी बॉर्डर पर हलचल शुरू

*किसानों के समर्थन में आज पंजाब बंद, बस-ट्रेन सेवा रहेगी प्रभावित; खनौरी बॉर्डर पर हलचल शुरू*

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने मांगों के समर्थन में सोमवार सुबह सात से चार बजे तक बंद का आह्वान किया है। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर के कहा कि उन्हें सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त है।

आज पंजाब बंद रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने मांगों के समर्थन में सोमवार सुबह सात से चार बजे तक बंद का आह्वान किया है। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर के कहा कि उन्हें सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त है। दुकानों से लेकर व्यापारिक संस्थान बंद रहेंगे। ट्रेन व बस सेवा भी प्रभावित रहेगी। सुबह 10 से लेकर दोपहर दो बजे तक बस सर्विस भी बंद रहेंगी। किसान और दोधियों ने भी बंद का समर्थन करते हुए सब्जी और दूध सप्लाई बंद रखने का फैसला किया है। 


हालांकि पंधेर ने कहा कि बंद के दौरान किसी भी आपातकालीन सेवा में बाधा नहीं डाली जाएगी। बंद शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। वहीं एसजीपीसी ने भी किसानों के बंद के समर्थन में अपने कार्यालय और संस्थानों में छुट्टी का एलान कर दिया है। किसान नेताओं ने आह्वान किया कि भारी संख्या में लोग उनके समर्थन में खनौरी और शंभू बॉर्डर पर पहुंचे। किसान नेता पंधेर ने कहा कि उनकी ओर से पिछले 34 दिनों में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के जजों को पत्र लिखे गए हैं, लेकिन किसी ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया और न ही बातचीत का प्रयास किया।

खेती के विषयों पर संसद की स्थायी कमेटी की रिपोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट में एमएसपी गारंटी कानून बनाने के पक्ष में सिफारिश की गई, लेकिन केंद्र इन्हें भी मानने को तैयार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट भी केंद्र को इस विषय में कोई दिशा-निर्देश नहीं दे रहा है

*खनौरी पर किसानों का जुटना शुरू*

बंद के मद्देनजर प्रदेश के तमाम हिस्सों से किसानों का खनौरी सीमा पर जुटना शुरू हो गया है। पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किसान आज बद के समर्थन में सड़कों पर आने वाले हैं। प्रशासन भी तैयार है। हालांकि खनौरी पर पहले से किसान मौजूद हैं लेकिन आज बंद के लिहाज से माहौल गर्म है।

*34वां दिन-डल्लेवाल की हालत गंभीर, किसानों ने सुरक्षा बढ़ाई*

जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन को 34 दिन हो चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर है। ब्लड प्रेशर काफी कम है जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। उन्हें जल्द अस्पताल में ले जाने की जरूरत है। वहीं दूसरी ओर किसान नेताओं सुरजीत सिंह फूल, काका सिंह कोटडा ने डल्लेवाल को किसी भी समय प्रशासन द्वारा जबरन उठाए जाने की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर काफी संख्या में नौजवाब उनकी सुरक्षा में तैनात कर दिए हैं। 


फूल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से शनिवार को जारी आदेशों से साफ हो गया है कि हर हाल में डल्लेवाल का अनशन खत्म कराना चाहते हैं। किसान नेताओं ने कहा कि डल्लेवाल की सुरक्षा के लिए वे अपनी जान देने को तैयार हैं। अगर सरकार ने डल्लेवाल को जबरन उठाने की कोशिश की तो मोर्चे पर जान-माल का जो भी नुकसान होगा, उसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार एवं उन संवैधानिक संस्थाओं की होगी जो इस तरीके से आदेश पारित करने का प्रयास कर रही हैं।

*समर्थन में एसजीपीसी के कार्यालय और संस्थान भी बंद*

किसानों के संघर्ष का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समर्थन किया है। बंद के समर्थन में एसजीपीसी ने सोमवार को अपने कार्यालय और संस्थान बंद रखने का एलान कर दिया है। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने किसानों के बंद का समर्थन किया। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार को अपना अड़ियल रवैया छोड़कर किसानों की जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार करना चाहिए।

*आज 4 घंटे के लिए नहीं चलेंगी बसें, पनबस व पीआरटीसी यूनियन ने लिया फैसला, 577 रूट होंगे प्रभावित*

पनबस व पीआरटीसी यूनियन ने भी बंद को समर्थन दिया है। इसी वजह से सोमवार सुबह 10 से लेकर दोपहर 2 बजे तक चार घंटे सरकारी बसें नहीं चलेंगी। पंजाब बंद को लेकर यूनियन की बैठक हुई थी जिसमें यह फैसला लिया गया। यूनियन के प्रधान रेशम सिंह ने कहा कि किसानों ने सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया है, लेकिन पूरे दिन की हड़ताल संभव नहीं है। वह लोगों को परेशान नहीं करना चाहते। इसी वजह से वे चार घंटे तक किसानों का साथ देंगे। पीआरटीसी पंजाब और अन्य राज्यों में 577 रूटों पर बसें चलाता है। जो इस दौरान प्रभावित रहेंगी। ये बसें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड को कवर करती हैं। पीआरटीसी के नौ डिपो हैं, जहां से यह बसें नहीं चलेंगी।


किसान कांग्रेस ने भी दिया समर्थन : किसान कांग्रेस पंजाब ने किसानों के बंद को समर्थन दिया है। किसान कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि इस बंद में वह किसानों के साथ है और साथ ही अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की अच्छी सेहत की कामना करते हैं।