पाकिस्तान सरकार से वार्ता के लिए पीटीआई तैयार, इमरान खान ने हामिद रजा को बनाया समिति का प्रवक्ता

पाकिस्तान सरकार से वार्ता के लिए पीटीआई तैयार, इमरान खान ने हामिद रजा को बनाया समिति का प्रवक्ता

*पाकिस्तान सरकार से वार्ता के लिए पीटीआई तैयार, इमरान खान ने हामिद रजा को बनाया समिति का प्रवक्ता*

अदियाला जेल में अपने वकीलों के साथ बैठक के दौरान पूर्व पीएम इमरान खान ने एसआईसी प्रमुख को पार्टी की समिति का प्रवक्ता बनाने का एलान किया। रजा नेशनल असेंबली के सदस्य हैं। इसके अलावा वह मानवाधिकारों पर नेशनल असेंबली की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं। पूर्व पीएम ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पार्टी की वार्ता समिति के प्रयास सराहनीय हैं।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान ने भी सरकार से होने वाली वार्ता के लिए तैयारी कर ली है। उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से वार्ता करने के लिए गठबंधन के सहयोगी दल सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) के प्रमुख साहिबजादा मोहम्मद हामिद रजा को समिति का प्रवक्ता नामित किया है। पूर्व पीएम ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि समिति सरकार के साथ सार्थक वार्ता करेगी। पूर्व पीएम ने यह भी कहा कि अगर सरकार उनकी पार्टी पीटीआई की मांगें मान लेती है तो हम सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर देंगे।

मंगलवार को अदियाला जेल में अपने वकीलों के साथ बैठक के दौरान पूर्व पीएम इमरान खान ने एसआईसी प्रमुख को पार्टी की समिति का प्रवक्ता बनाने का एलान किया। रजा नेशनल असेंबली के सदस्य हैं। इसके अलावा वह मानवाधिकारों पर नेशनल असेंबली की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं। वकीलों के साथ बैठक के बाद पूर्व पीएम ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पार्टी की वार्ता समिति के प्रयास सराहनीय हैं। वार्ता प्रक्रिया सार्थक हो इसलिए जरूरी है कि वार्ता टीम से मेरी मुलाकात हो ताकि मैं मुद्दों को समझ सकूं। 


पूर्व पीएम ने लिखा कि अगर सरकार सार्थक वार्ता चाहती है तो हमारी दो मांगें हैं। पहली कि विचाराधीन राजनीतिक कैदियों की रिहाई और दूसरी यह कि नौ मई और 26 नवंबर की घटनाओं की जांच के लिए वरिष्ठ न्यायाधीशों वाले एक न्यायिक आयोग का गठन किया जाए। अगर ये मांगें पूरी हो जाती हैं तो हम अपना सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित कर देंगे। हालांकि मुझे डर है कि सरकार नौ मई और 26 नवंबर की घटनाओं की जांच की हमारी मांग को दरकिनार करने की कोशिश करेगी। हम ऐसा नहीं होने देंगे।

*सैन्य अदालत के फैसलों को बताया असांविधानिक*

पूर्व पीएम इमरान खान ने सैन्य अदालतों की ओर से 25 लोगों को सुनाई गई सजा के फैसलों को भी असांविधानिक करार दिया। पूर्व पीएम ने लिखा कि मैं सैन्य अदालतों के असांविधानिक फैसलों को खारिज करता हूं। ये फैसले पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहे हैं। इस तरह की अमानवीय हरकतें देश को आर्थिक प्रतिबंधों के अधीन कर सकती हैं। ऐसे फैसले तथाकथित सांविधानिक पीठ के मुंह पर तमाचा हैं। यहां तक कि न्यायपालिका ने भी अब मान लिया है कि देश में राजनीतिक इंजीनियरिंग हो रही है। इसका साफ मतलब है कि पीटीआई को कुचला जा रहा है। इससे लोकतंत्र, न्यायिक स्वतंत्रता और कानून के शासन को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है। 


पूर्व पीएम ने लिखा कि कोई भी देश बाहरी और आंतरिक निवेश के बिना विकसित नहीं हो सकता है। निवेश कानून के शासन के बिना नहीं आ सकता है। लोग अपनी पूंजी पाकिस्तान से बाहर इसलिए ले जा रहे हैं क्योंकि न तो यहां न्यायपालिका स्वतंत्र है और न ही कानून के प्रति कोई सम्मान है। 26वें संविधान संशोधन के बाद न्यायपालिका के हाथ पूरी तरह से बंध गए हैं। सांविधानिक पीठ की स्थापना और उसके फैसलों ने सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को कम किया है।

*एक दौर की बातचीत हो चुकी*

हाल ही में पाकिस्तान सरकार पीटीआई के साथ बातचीत के लिए तैयार हुई है। पहले दौर की बातचीत में पूर्व पीएम इमरान खान की जेल से रिहाई सहित विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक की अध्यक्षता नेशनल असेंबली (एनए) के अध्यक्ष अयाज सादिक ने की थी।