चीन ने संबंधों की बेहतरी के लिए व्यापक सहमति पर दिया जोर'; अजीत डोभाल के दौरे के बाद बीजिंग का बयान
*चीन ने संबंधों की बेहतरी के लिए व्यापक सहमति पर दिया जोर'; अजीत डोभाल के दौरे के बाद बीजिंग का बयान*
चीनी प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के कीमती संसाधनों को विकास और पुनरोद्धार में लगाया जाए। यह सुनिश्चित भी किया जाना चाहिए कि सीमा विवाद के मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों में उचित रूप से रखा जाए। इतना ही नहीं, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति और सौहार्द बनाए रखा जाए।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलनी शुरू हो गई है। चीन ने संबंधों को बेहतर बनाने के लिए व्यापक सहमति पर जोर दिया है। चीन की ओर से यह बयान भारतीय एनएसए डोभाल की चीन दौरे के ठीक बाद आया है। बीजिंग दौरे पर अजीत डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने पर जोर दिया गया था।
डोभाल के चीन दौरे पर दोनों देश कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने समेत सीमा के रास्ते व्यापार शुरू करने पर सहमत हुए थे। डोभाल गुरुवार को ही बीजिंग से भारत रवाना हुए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा गुरुवार को बताया कि वार्ता के बाद दोनों देशों द्वारा जारी किए गए बयानों में 'बहुत हद तक समान सार और तत्व' थे, जो व्यापक सहमति को उजागर करते हैं। लिन जियान ने कहा कि सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि वांग और डोभाल ने सकारात्मक और रचनात्मक रुख के साथ चीन-भारत सीमा मुद्दे पर महत्वपूर्ण वार्ता की और छह सूत्रीय सहमति पर पहुंचे।
चीनी प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के कीमती संसाधनों को विकास और पुनरोद्धार में लगाया जाए। यह सुनिश्चित भी किया जाना चाहिए कि सीमा विवाद के मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों में उचित रूप से रखा जाए। इतना ही नहीं, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति और सौहार्द बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को सामान्य करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
*पांच साल बाद हुई विशेष प्रतिनिधियों की बैठक*
इससे पहले बुधवार को, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के दौरान 'गहन चर्चा' की। बैठक के दौरान दोनों ने छह बिंदुओं पर सहमति बनाई, जिनमें सीमा पर शांति बनाए रखने और द्विपक्षीय संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास को बढ़ावा देना शामिल है। पांच साल के अंतराल के बाद हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा मुद्दों पर पहुंचे समाधान का सकारात्मक मूल्यांकन किया और इसके क्रियान्वयन कार्य को जारी रखने की आवश्यकता दोहराई। दोनों अधिकारियों ने माना कि सीमा विवाद को द्विपक्षीय संबंधों के समग्र दृष्टिकोण से सही तरीके से निपटाया जाना चाहिए ताकि संबंधों के विकास पर कोई असर न पड़े।
*कैलाश मानसरोवर यात्रा बहाल करने पर बातचीत*
चीन यात्रा पर पहुंचे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की बुधवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधि स्तर (एसआर) की बैठक में दोनों देशों के बीच छह मुद्दों पर सहमति बनी, जिसमें सीमा पर शांति और स्थिरता बहाली के उपायों को आगे जारी रखना और द्विपक्षीय रिश्तों को दुरुस्त कर पटरी पर लाने के प्रयास तेज करना शामिल है। दोनों नेताओं ने कैलाश मानसरोवर यात्रा बहाल करने के अलावा सीमा पार नदियों का डाटा साझा करने और नाथूला दर्रे से व्यापार शुरू करने पर आगे बढ़ने के दिशा-निर्देश भी तय किए