सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास से महज 200 मीटर दूर था मंदिर, ताला खुलने में लगे 46 साल; पूजा-पाठ शुरू
*सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास से महज 200 मीटर दूर था मंदिर, ताला खुलने में लगे 46 साल; पूजा-पाठ शुरू*
संभल में 46 साल से बंद एक मंदिर मिला है। यह मंदिर एक मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित है। 1978 के सांप्रदायिक दंगों के बाद हिंदू इस इलाके से पलायन कर गए थे। मुसलमानों ने मंदिर पर कब्जा कर लिया था और उसे एक मकान में मिला लिया था। अब मंदिर को फिर से खोल दिया गया है और वहां पूजा-पाठ शुरू हो गया है।
हिंसा की आग में झुलसे संभल में शनिवार तड़के मस्जिदों के लाउडस्पीकर का शोर जांचने पहुंची टीम का चौंकाने वाले सच से सामना हुआ। मुस्लिम बहुल खग्गू सराय मुहल्ले में पांच मस्जिदों और इसके आसपास ढाई सौ घरों में बरसों से कटिया कनेक्शन से बिजली चोरी की जा रही थी।
टीम को यहीं 46 साल से बंद एक मंदिर मिला जिसे एक मकान से सटाकर और दीवार खड़ी कर कब्जा लिया गया था। मंदिर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास से महज दो सौ और सर्वे को लेकर चर्चा में आई शाही मस्जिद से पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित है।
मंदिर के दरवाजों पर पड़े ताले खुलवाकर देखा गया तो उसमें हनुमान जी की एक मूर्ति और शिवलिंग मिला। लंबे अरसे से बंद रहने की वजह से उनपर धूल जमी थी। मंदिर के बराबर कुएं को भी पाट दिया गया था। उसकी खोदाई कराई जा रही है। मंदिर मिलने से हिंदू समाज उत्साहित है। पता चला कि 1978 के सांप्रदायिक दंगे के बाद मुहल्ले से हिंदू पलायन कर गए थे। मंदिर पर मुस्लिमों ने कब्जा कर मकान में मिला लिया था।
*डीएम ने बताया, पांच सौ साल पुराना मंदिर*
जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर चार से पांच सौ साल पुराना है। इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को भी पत्र लिखा जा रहा है। मंदिर में सीसीटीवी भी लगाए जा रहे हैं। ताले खोले जाने से किसी भी वर्ग को कोई परेशानी नहीं है। मंदिर की देखरेख का जिम्मा वहीं के रस्तोगी परिवार को दिया गया है।
सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी। आसपास का अतिक्रमण हटाया जा रहा है। यहां मौजूद कुएं का सुंदरीकरण कराकर मंदिर का जीर्णोंद्धार कराया जाएगा। शहर की मस्जिदों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जा रहे थे। शुक्रवार को अनार वाली मस्जिद के इमाम का शांतिभंग में चालान भी किया गया था। साथ ही मुस्लिम बाहुल्य मुहल्लों में बिजली चोरी भी बड़े पैमाने पर की जा रही है।
*अवैध कब्जा हटाने के लिए दिए निर्देश*
डीएम ने नगरपालिका के अधिकारियों को मंदिर पर हुए अवैध कब्जे को हटाने और कुएं को खुदवाने का आदेश दिया। डीएम ने मंदिर को पुराने स्वरूप में लौटाने की बात कही है। उनका कहना है कि इसका पुनर्निर्माण कराने के साथ सुंदरीकरण भी कराएंगे। मंदिर के मिलने की खबर पर वहां काफी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और अन्य लोग एकत्र हो गए। उन्होंने मंदिर की सफाई कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। कई स्थानों पर मिष्ठान वितरण भी किया गया है।