विदेश मंत्रालय: दोहरे कराधान से बचाव पर स्विट्जरलैंड के साथ दोबारा बातचीत जरूरी..; FFN प्रावधान निलंबन पर भारत

विदेश मंत्रालय: दोहरे कराधान से बचाव पर स्विट्जरलैंड के साथ दोबारा बातचीत जरूरी..; FFN प्रावधान निलंबन पर भारत

*विदेश मंत्रालय: दोहरे कराधान से बचाव पर स्विट्जरलैंड के साथ दोबारा बातचीत जरूरी..; FFN प्रावधान निलंबन पर भारत*

स्विट्जरलैंड द्वारा सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र (MFN) खंड को निलंबित करने पर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। जहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि स्विट्जरलैंड के साथ दोहरी कराधान संधि पर फिर से बातचीत की जरूरत पड़ सकती है।

दोहरी कराधान संधि पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवरा को बयान जारी किया। भारत ने कहा कि यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के सदस्य देशों के साथ व्यापार समझौते के मद्देनजर स्विट्जरलैंड के साथ उसकी दोहरी कराधान संधि पर फिर से बातचीत की जरूरत पड़ सकती है।



बता दें कि स्विट्जरलैंड ने दोहरे कराधान से बचाव के लिए भारत के साथ हुए समझौते (डीटीएए) में सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) के प्रावधान को निलंबित कर दिया है, जिसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह टिप्पणी की

*रणधीर जायसवाल की टिप्पणी*

मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा मेरी समझ से ईएफटीए के कारण स्विट्जरलैंड के साथ हमारी दोहरी कराधान संधि पर पुनः बातचीत होगी। यह इसका एक पहलू है। अनुमान लगाया जा रहा है कि एमएफएन के प्रावधान को निलंबित करने के फैसले के बाद स्विट्जरलैंड में काम करने वाली भारतीय कंपनियों पर अधिक कर लगने के साथ भारत में स्विस निवेश पर असर पड़ने की आशंका है।


बता दें कि स्विट्जरलैंड के वित्त विभाग ने 11 दिसंबर को अपने एक बयान में एमएफएन दर्जा वापस लेने की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम भारत के उच्चतम न्यायालय के पिछले साल आए एक फैसले के संदर्भ में उठाया गया है।