दक्षिण कोरिया में लगा आपातकालीन मार्शल लॉ, राष्ट्रपति सुक-योल ने की घोषणा; विपक्ष पर लगाए आरोप

दक्षिण कोरिया में लगा आपातकालीन मार्शल लॉ, राष्ट्रपति सुक-योल ने की घोषणा; विपक्ष पर लगाए आरोप

*दक्षिण कोरिया में लगा आपातकालीन मार्शल लॉ, राष्ट्रपति सुक-योल ने की घोषणा; विपक्ष पर लगाए आरोप*

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने विपक्ष पर राज्य विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए आपातकालीन सैन्य कानून लागू करने की घोषणा की। एसोसिएटेड प्रेस ने यह जानकारी दी।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल ने मंगलवार को आपातकालीन सैन्य कानून (मार्शल लॉ) लागू करने की घोषणा की। उन्होंने देश के विपक्ष पर संसद को नियंत्रित करने, उत्तर कोरिया के प्रति सहानुभूति रखने और राज्य विरोधी गतिविधियों के जरिए सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

*संविधान की रक्षा के लिए यह कदम जरूरी: राष्ट्रपति यून


राष्ट्रपति यून ने एक टेलीविजन कार्यक्रम के जरिए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कदम देश के संविधान और कानून को बचाने के लिए जरूरी है। हालांकि, यह अभी तत्काल स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले का देश की सरकार और लोकतंत्र पर क्या असर पड़ेगा। यून ने साल 2022 में राष्ट्रपति का पद संभाला था। तबसे उन्हें मजबूत विपक्ष के कारण अपनी नीतियों को लागू करने में मुश्किलें हो रही थीं। 

*संविधान की रक्षा के लिए यह कदम जरूरी: राष्ट्रपति यून*


राष्ट्रपति यून ने एक टेलीविजन कार्यक्रम के जरिए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कदम देश के संविधान और कानून को बचाने के लिए जरूरी है। हालांकि, यह अभी तत्काल स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले का देश की सरकार और लोकतंत्र पर क्या असर पड़ेगा। यून ने साल 2022 में राष्ट्रपति का पद संभाला था। तबसे उन्हें मजबूत विपक्ष के कारण अपनी नीतियों को लागू करने में मुश्किलें हो रही थीं।

*विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बुलाई बैठक*


यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब राष्ट्रपति यून सुक-योल की पीपुल पावर पार्टी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच अगले साल के बजट विधेयक को किसी समझौते पर नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके अलावा, यून ने अपनी पत्नी और कुछ शीर्ष अधिकारियों से जुड़े कथित घोटालों की स्वतंत्र जांच कराने की मांगों को खारिज किया है, जिसके कारण उन्हें विरोधियों की कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यून की घोषणा के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपने सांसदों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई। 1980 के बाद यह पहली बार है, जब दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ घोषित किया गया है। 



संसद में इस फैसले के खिलाफ मतदान हुआ है। संसद के ऊपर हेलीकॉप्टर तैनात किए गए। सेना ने कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में भी लिया है। मार्शल लॉ लागू करने के विरोध में दक्षिण कोरियाई संसद के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं भी हुईं।

*मार्शल लॉ लगने के बाद देश में क्या पाबंदियां रहेंगी*


मार्शल लॉ के लागू होने के बाद रैलियों और प्रसारण पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा नेशनल असेंबली, स्थानीय परिषदों और राजनीतिक दलों, प्रदर्शनों सहित सभी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। फेक न्यूज और झूठे प्रचार पर भी रोक रहेगी। सभी मीडिया और प्रकासन मार्शल लॉ के तहत नियंत्रित रहेंगे। हड़ताल और काम रोकने पर कार्रवाई होगी। हड़ताली चिकित्सा कर्मियों दो दिन के भीतर अपने काम पर वापस लौटना होगा। उल्लंघन करने पर मार्शल लॉ के तहत सजा मिलेगी।