यूक्रेन पर रूस के हमले से तिलमिलाए बाइडन, बोले- कीव की तुरंत मदद करने की जरूरत

यूक्रेन पर रूस के हमले से तिलमिलाए बाइडन, बोले- कीव की तुरंत मदद करने की जरूरत

*यूक्रेन पर रूस के हमले से तिलमिलाए बाइडन, बोले- कीव की तुरंत मदद करने की जरूरत*

जो बाइडन को चिंता है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को मदद देनी बंद कर दी, तो इससे यूक्रेन कमजोर पड़ जाएगा। बाइडन की चिंता जायज भी है क्योंकि ट्रंप ने ऐसे संकेत दिए भी हैं कि वे यूक्रेन को दी जाने वाली मदद की समीक्षा करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में अब कुछ ही दिन का समय बचा है और यही वजह है कि वे यूक्रेन को लेकर परेशान हैं। खासकर रूस ने यूक्रेन पर जो ताबड़तोड़ हमले किए हैं, उसके बाद तो बाइडन तिलमिला गए हैं। जो बाइडन ने गुरुवार को कहा कि रूस के यूक्रेन पर ताजा हमले बताते हैं कि हमें यूक्रेन की तुरंत मदद करने की जरूरत है। दरअसल जो बाइडन को चिंता है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को मदद देनी बंद कर दी, तो इससे यूक्रेन कमजोर पड़ जाएगा। बाइडन की चिंता जायज भी है क्योंकि ट्रंप ने ऐसे संकेत दिए भी हैं कि वे यूक्रेन को दी जाने वाली मदद की समीक्षा करेंगे।

*रूस ने यूक्रेन पर किया बड़ा हमला*


रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर बड़ा हमला करते हुए करीब 200 मिसाइलें दागीं। रूसी हमले में यूक्रेन के पावर ग्रिड को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी वजह से लाखों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। गुरुवार को बाइडन ने कहा कि 'इस दिन मेरा यूक्रेन के लोगों को संदेश साफ है, अमेरिका आपके साथ खड़ा है।' गौरतलब है कि फरवरी 2022 के बाद से अब तक अमेरिका रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को 60 अरब डॉलर से ज्यादा की आर्थिक मदद दे चुका है।

*ट्रंप रोक सकते हैं यूक्रेन की मदद*


वहीं जनवरी में अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे ट्रंप ने रूस यूक्रेन युद्ध खत्म करने का वादा किया है। यूक्रेन को भी डर है कि ट्रंप उसकी वित्तीय मदद रोक सकते हैं या फिर कम कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप-राजदूत ने भी बुधवार को एक बयान में यही बात कही कि ट्रंप, यूक्रेन की मदद रोक देंगे, जो यूक्रेन की सेना के लिए मृत्युदंड जैसा होगा। जो बाइडन भी ये जानते हैं तभी बीते दिनों उन्होंने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में बड़ा फैसला करते हुए यूक्रेन को रूस के भीतरी इलाकों में लंबी दूरी की मिसाइलों के हमले की मंजूरी दे दी थी। जिसके चलते रूस ने अमेरिका समेत पश्चिमी देशों को धमकी देते हुए कहा था कि इसके गंभीर परिणाम होंगे।