फडणवीस के सीएम बनने का रास्ता साफ! शिंदे ने क्यों छोड़ी दावेदारी;

फडणवीस के सीएम बनने का रास्ता साफ! शिंदे ने क्यों छोड़ी दावेदारी;

*फडणवीस के सीएम बनने का रास्ता साफ! शिंदे ने क्यों छोड़ी दावेदारी;*

महाराष्ट्र के कार्यवाहक सीएम शिंदे ने कहा कि मैंने कल प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को फोन किया और उनसे सीएम पर फैसला करने को कहा। वे जो भी फैसला लेंगे मैं उसका पालन करूंगा। अब गेंद पूरी तरह से मोदी और शाह के पाले में है कि वह फडणवीस और अजीत पवार में से ही किसी एक को मुख्यमंत्री बनाते हैं या कोई नया समीकरण सामने ले आते हैं।

महाराष्ट्र में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? इसको लेकर संशय अब भी बरकरार है। बुधवार को महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि वह भाजपा से ही होगा महाराष्ट्र का अलगा मुख्यमंत्री। महाराष्ट्र के अलगे मुख्यमंत्री के नाम पर भाजपा नेतृत्व के फैसले का पूरी तरह से समर्थन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं बनेंगे। हम एकसाथ थे और रहेंगे। एकनाथ शिंदे के इस बयान के बाद भाजपा के लिए तीसरी बार देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता साफ हो गया है।

*देवेंद्र फडणवीस का समर्थन*

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का परिणाम आए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज भी नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। एकनाथ शिंदे के आज के बयान से यह तो साफ हो गया है कि वह पुनः मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। जबकि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार गुट ने मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का समर्थन करने की बात कही है

*संघ की रही बड़ी भूमिका*

लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद महाराष्ट्र में भाजपा की जो दुर्दशा हुई थी, उसके बाद कोई कल्पना भी नहीं कर रहा था कि छह माह बाद भाजपा को महाराष्ट्र में इतनी बड़ी जीत मिलेगी। संघ के सहसरकार्यवाह अतुल लिमये और भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री शिवप्रकाश को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। विभिन्न समूहों के नेताओं से संपर्क साधा और उनकी सीधी बैठकें देवेंद्र फडणवीस के साथ करवाई गईं। ऊपर से नीचे तक ऐसी बैठकें सैकड़ों नहीं, बल्कि हजारों की संख्या में हुईं। इसका परिणाम अब सबके सामने है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को हुए थे और नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए गए। मंगलवार को एकनाथ शिंदे ने राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को सीएम पद से इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने शिंदे से अनुरोध किया कि नई सरकार बनने तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहें।