कांग्रेस की उम्मीद: प्रियंका पर खुद को साबित करने की चुनौती...क्या बनेंगी पार्टी की खेवनहार

कांग्रेस की उम्मीद: प्रियंका पर खुद को साबित करने की चुनौती...क्या बनेंगी पार्टी की खेवनहार

*कांग्रेस की उम्मीद: प्रियंका पर खुद को साबित करने की चुनौती...क्या बनेंगी पार्टी की खेवनहार*

कांग्रेस को उम्मीद, इंदिरा गांधी की तरह तेजतर्रार नेता वाली छवि से मिलेगा फायदा। प्रियंका गांधी ने वायनाड से हासिल की भाई राहुल से भी बड़ी जीत, अब परिवार में 3 संसद सदस्य।

जनयोद्धा रही, अब जनप्रतिनिधि बनने की राह पर हूं, पहली बार अपने लिए वोट मांग रही हूं....प्रियंका गांधी ने यह बात वायनाड सीट पर उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान लोगों से आशीर्वाद और मार्गदर्शन देने की अपील करते हुए कही थी। क्षेत्र की जनता ने भी उन पर भरपूर प्यार लुटाया।

*राहुल से ज्यादा सीटों से जीता चुनाव*


प्रियंका ने इस सीट से पूर्व सांसद और अपने भाई राहुल गांधी से भी ज्यादा वोटों के अंतर( 4,10,931) से जीत हासिल की है। अब चर्चाएं तेज हैं कि क्या कांग्रेस की खेवनहार बन पाएंगी। प्रियंका के संसद में कदम रखने के बाद अब गांधी परिवार के तीन सदस्य एक साथ संसद में होंगे। कांग्रेस के नेताओं को उम्मीद है कि वह पार्टी को मुश्किल दौर से बाहर निकालने में सफल होंगी। दरअसल, प्रियंका का संसद में प्रवेश ऐसे समय हो रहा है जब पार्टी हाल में हरियाणा में हार के बाद अब महाराष्ट्र में भी कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई है।

*इंदिरा गांधी की तरह तेजतर्रार वाली छवि*


शक्ल-सूरत और बोलचाल के तरीके में समानता के कारण अक्सर उनकी तुलना दादी इंदिरा गांधी से की जाती है। यही नहीं उन्हें लोगों से जुड़ने, भीड़ के साथ बेहतर ढंग से संवाद स्थापित करने और कई मुद्दों पर पार्टी के दृष्टिकोण को स्पष्ट तरीके से सामने रखने में माहिर माना जाता है।

*प्रियंका में वायनाड देख रहा उम्मीद: रॉबर्ट*


प्रियंका की जीत से उत्साहित नजर आ रहे रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि प्रियंका की अद्भुत जीत के लिए वायनाड के लोगों का धन्यवाद। यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि लोग प्रियंका में उम्मीद देख रहे हैं। प्रियंका भी वायनाड के लोगों के सुनसरे भविष्य और खुशहाली के लिए हर प्रयास करेंगी। प्रियंका का संसद में प्रवेश नए युग को जन्म देगा।

*राहुल बोले- वायनाड के परिवार के भरोसे पर मुझे गर्व*


वायनाड में बहन प्रियंका गांधी वाड्रा की जीत से उत्साहित राहुल गांधी ने कहा कि उनको गर्व हो रहा है कि वायनाड की जनता ने उनकी बहन पर भरोसा जताया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, मुझे विश्वास है कि प्रियंका हमारे प्रिय वायनाड को प्रगति और समृद्धि के प्रकाश स्तंभ में बदलने के लिए साहस, करुणा और अटूट समर्पण के साथ नेतृत्व करेंगी

*दादी की हत्या के बाद बाधित हुई पढ़ाई*


प्रियंका का जन्म 12 जनवरी 1972 को नई दिल्ली में हुआ था। स्कूली शिक्षा देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल से हुई, लेकिन 1984 में दादी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। बाद में 1993 में दिल्ली विवि से मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री ली। ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ संडरलैंड से बौद्ध अध्ययन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है।