दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी छोड़ी, सीएम आतिशी ने स्वीकार किया इस्तीफा
*दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी छोड़ी, सीएम आतिशी ने स्वीकार किया इस्तीफा*
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के परिवहन मंत्री Kailash Gehlot ने आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने रविवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी दी है। साथ ही सीएम आतिशी को मंत्री पद छोड़ने के लिए पत्र लिखा है। पिछले कुछ महीने में दिल्ली सरकार के 2 मंत्री पार्टी छोड़ चुके हैं
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Kailash Gehlot) ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी दी है।
*CM आतिशी ने मंजूर किया गहलोत का इस्तीफा*
इसके साथ ही उन्होंने मंत्री पद छोड़ने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को यमुना की सफाई और नए बंगले के विवाद को लेकर पत्र में अपनी बात रखी। सीएम आतिशी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है
केजरीवाल को पत्र में लिखा कि आप सरकार केंद्र सरकार से लड़ने में समय बर्बाद करती है। बता दें कि पिछले कुछ महीने में अभी तक दिल्ली सरकार के 2 मंत्रियों और 2 विधायकों ने पार्टी छोड़ी है।
*अधूरे वादों का हवाला देते हुए आप से दिया इस्तीफा*
कैलाश गहलोत ने आप सरकार पर दिल्ली के लोगों से किए गए प्रमुख वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। अपने पत्र में, उन्होंने यमुना नदी को साफ करने में विफलता को उजागर किया, जबकि यह एक प्रमुख चुनावी वादा था। उन्होंने लिखा, "हमने लोगों से स्वच्छ यमुना का वादा किया था, लेकिन हम उस प्रतिबद्धता को पूरा करने में विफल रहे हैं।"
*केजरीवाल के बंगले विवाद पर क्या बोले?*
उन्होंने अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले को लेकर उठे विवाद पर भी अपनी बात रखी। गहलोत ने कहा, "नए बंगले जैसे कई शर्मनाक और विचित्र मुद्दे हैं, जिनके कारण अब लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या हम अब भी आम आदमी की पार्टी होने में विश्वास करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच लगातार चल रही खींचतान से राजधानी के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। गहलोत ने कहा, "अब यह स्पष्ट हो गया है कि अगर दिल्ली सरकार अपना अधिकांश समय केंद्र से लड़ने में बिताती है, तो दिल्ली का वास्तविक विकास संभव नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में होने प्रस्तावित हैं। इससे पहले कैलाश गहलोत के यूं एकाएक पार्टी छोड़ने से कई सवाल उठ रहे हैं। उनके भाजपा में जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।