Jhansi Medical College: झांसी मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में दिल दहलाने वाली घटना, आग लगने से 10 नवजात की मौत
*Jhansi Medical College: झांसी मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में दिल दहलाने वाली घटना, आग लगने से 10 नवजात की मौत*
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की रात आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई और कई बच्चे झुलसे भी हैं। आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जांच के लिए कमिश्नर एवं डीआईजी को 12 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे हुए हैं।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की रात आग ने कहर बरपा दिया। यहां, नीकू वार्ड में अचानक आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। जानकारी मिली कि मेडिकल कॉलेज के नीकू वार्ड में लगभग एक दर्जन बच्चों को गहन चिकित्सा में रखा गया है। रात लगभग साढ़े दस बजे वार्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।
हादसे के बाद आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं और मुख्य द्वार धुएं से ढक गया, जिस कारण कोई अंदर नहीं जा पा रहा था। दमकल विभाग के कर्मियों ने वार्ड की खिड़की का कांच तोड़कर आग पर काबू पाया और मेडिकल के अन्य स्टाफ के साथ बच्चों को बाहर निकाला। इनमें से अधिकतर बच्चे झुलसे थे। आधिकारिक सूचना के अनुसार, हादसे में 10 शिशुओं की मौत हो गई है।
आग लगने की सूचना उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो मौके पर डीएम अविनाश कुमार, झांसी परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी व झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल कुमार दुबे भी मौके पर पहुंचे।
झांसी जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब साढ़े 10 बजे मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने आग लगने की सूचना दी है। जिलाधिकारी ने बताया कि नीकू वार्ड में दो यूनिट होते हैं, जिसमें अंदर की तरफ क्रिटिकल बच्चों और बाहर की तरफ कम क्रिटिकल बच्चों को रखा जाता है। उन्होंने बताया कि अंदर वाले यूनिट में संभवत: शॉर्ट सर्किट से आग लगी है।
जिलाधिकारी ने अनुसार, बाहर की यूनिट के लगभग सभी बच्चों को बचा लिया गया है। प्रथम दृष्टया अंदर वाले यूनिट में भर्ती 10 बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य जारी है। गंभीर रूप से घायलों की सूची तैयार की जा रही है। घटना के लिए जांच कमेटी का गठन किया गया है। झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल कुमार दुबे ने बताया कि हादसे में अधिकाधिक बच्चों को बचा लिया गया है। राहत कार्य जारी है।