हवाई रक्षा प्रणालियों में इजरायल इक्कीस, ईरान के पास सैन्य उपकरणों का अभाव; जंग छिड़ी तो किसका रहेगा पलड़ा भारी?

हवाई रक्षा प्रणालियों में इजरायल इक्कीस, ईरान के पास सैन्य उपकरणों का अभाव; जंग छिड़ी तो किसका रहेगा पलड़ा भारी?

*हवाई रक्षा प्रणालियों में इजरायल इक्कीस, ईरान के पास सैन्य उपकरणों का अभाव; जंग छिड़ी तो किसका रहेगा पलड़ा भारी?*

इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं। आइये जानते हैं हवाई रक्षा प्रणालियों में इजरायल और ईरान में किसका पलड़ा भारी है। दशकों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से ईरान के पास नवीनतम उच्च तकनीक वाले सैन्य उपकरणों का अभाव है। वहीं अमेरिका की मदद से विकसित एक बहुस्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली इजरायल को लंबी दूरी के ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम बनाती है।

एक अक्टूबर को इजरायल पर हुए इरान के मिसाइल हमले की प्रतिक्रिया में अब इजरायल ने भी जवाबी हमला किया है। आइये जानते हैं हवाई रक्षा प्रणालियों में इजरायल और ईरान में किसका पलड़ा भारी है।

*ईरान के ज्यादार हथियार पुराने मॉडल के*

दशकों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से ईरान के पास नवीनतम उच्च तकनीक वाले सैन्य उपकरणों का अभाव है। यह रक्षा के लिए रूसी और घरेलू स्तर पर निर्मित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल और वायु रक्षा प्रणालियों पर निर्भर है।

ईरान के वायु सेना कमांडर ने अप्रैल में कहा था कि रूस निर्मित सुखोई-24 किसी भी संभावित इजरायली हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार है लेकिन 1960 के दशक के मध्य में विकसित सुखोई-24 पर ईरान की निर्भरता उसकी वायुसेना की कमजोरी की ओर इशारा करती है