ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले क्यों? राजदूत अजार का जवाब- इस्राइल पर हमले की कीमत चुकानी पड़ती है
*ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले क्यों? राजदूत अजार का जवाब- इस्राइल पर हमले की कीमत चुकानी पड़ती है*
पश्चिम एशिया में एक साल से अधिक समय से तनाव चरम पर है। इस्राइल कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है। पिछले दिनों ईरान द्वारा किए गए हमले का इस्राइल ने भी सैन्य ठिकाने तबाह कर जवाब दे दिया है। इस हमले से इस्राइल ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि यदि उस पर हमला किया तो उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
रूवेन अजार ने शनिवार को नई दिल्ली में एक साक्षात्कार में कहा कि इस्राइल हमेशा युद्धविराम के लिए तैयार है। इस्राइल चाहते है कि हमास हथियार डाल दे और बंधकों को रिहा कर दे। उन्होंने कहा, 'इस्राइल ने ईरान में सैन्य ठिकानों पर बहुत सटीक तरीके से हमला किया। हमने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय कर दिया है और ईरानियों के पास मौजूद मिसाइल क्षमताओं, मिसाइल कारखानों और अन्य हवाई क्षमताओं को नष्ट कर दिया है। ईरान अब पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। हमने बहुत कुछ दिखाया है। स्पष्ट रूप से कि जब आप इस्राइल पर हमला करते हैं तो आपको एक कीमत चुकानी पड़ती है... ईरान अब अच्छी तरह से जानता है कि अगर वह इस्राइल पर हमला जारी रखता है, तो ईरान में किसी भी लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है।'
*ईरान ने दोबारा हमला किया तो परिणाम बहुत खराब होंगे*
रूवेन ने आगे कहा कि अगर ईरान दोबारा इस्राइल पर हमला करता है तो परिणाम बहुत खराब होंगे। इसलिए यह हमारा स्पष्ट संदेश है। यदि आप हम पर हमला करना बंद कर देंगे, तो हम आप पर हमला करने से बचेंगे। हम हमास, हिजबुल्ला और ईरान के अंदर सहित दुनिया में कहीं भी किसी भी आतंकवादी के खिलाफ अपना बचाव करना जारी रखेंगे, लेकिन हमें क्षेत्रीय तनाव में कोई दिलचस्पी नहीं है
*हमास हथियार डाल बंधकों को रिहा कर दे तो इस्राइल युद्धविराम के लिए तैयार*
साक्षात्कार में रूवेन ने हमास के साथ युद्ध पर सवालों का तसल्लीपूर्वक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस्राइल गाजा से हमास के बाहर निकलने की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'इस्राइल युद्धविराम के लिए हमेशा तैयार है। हम चाहते हैं कि हमास हथियार डाल दे और बंधकों को रिहा कर दे। हम गाजा पट्टी से उनके बाहर निकलने की व्यवस्था करने के लिए तैयार हैं। हम उत्तर में एक तंत्र बनाना चाहते हैं, जिसके द्वारा सुरक्षा परिषद प्रस्ताव पारित करेगी। अगर हमें वे आश्वासन देते हैं तो हम क्षेत्र में स्थिरता फिर से स्थापित कर सकते हैं।