*दिल्ली की हवा कुछ सुधरी... पर अब भी खराब श्रेणी में, अधिक रही pm10 और o3 की मात्रा*

*दिल्ली की हवा कुछ सुधरी... पर अब भी खराब श्रेणी में, अधिक रही pm10 और o3 की मात्रा*

*दिल्ली की हवा कुछ सुधरी... पर अब भी खराब श्रेणी में, अधिक रही pm10 और o3 की मात्रा*

वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब खराब श्रेणी में आ गया है, जो दो-तीन दिन पहले तक बहुत खराब श्रेणी में था। अगले कुछ दिनों तक हवा के अनुकूल बने रहने का अनुमान है, जिससे प्रदूषण बढ़ने की संभावना कम ही है।

हवा के रुख में बदलाव और तेजी के कारण पिछले दो दिनों में राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब खराब श्रेणी में आ गया है, जो दो-तीन दिन पहले तक बहुत खराब श्रेणी में था। अगले कुछ दिनों तक हवा के अनुकूल बने रहने का अनुमान है, जिससे प्रदूषण बढ़ने की संभावना कम ही है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम चार बजे दिल्ली में एक्यूआई 255 दर्ज किया गया, एक दिन पहले यह 270 था। हालांकि आनंद विहार, जहांगीरपुरी, मुंडका, वजीरपुर, विवेक विहार और सोनिया विहार में वायु की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में थी, जबकि अन्य क्षेत्रों में खराब श्रेणी में दर्ज की गई। नोएडा और गाजियाबाद की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई। हालांकि ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम व फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता खराब से बेहतर स्थिति में रही।

*वाहनों से सर्वाधिक प्रदूषण*  

दिल्ली की हवा में प्रदूषणकारी कणों के लिए वाहनों का धुआं सबसे अधिक जिम्मेदार रहा। वायु प्रदूषण में वाहनों से उत्सर्जन का हिस्सा 14.8 प्रतिशत था।

*हवा में पीएम 10, ओ3 की मात्रा अधिक रही*

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में प्रमुख प्रदूषक पीएम10 और ओ3 थे। पीएम 10 एक कण है जिसका व्यास 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। यह ठोस या तरल रूप में होता है और हवा में मिले होने के कारण सांस के साथ फेफड़े तक पहुंच जाता है। 


फेफड़े में पहुंचने के बाद यह श्वसन संबंधी विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकता है। लंबे समय तक इसके प्रभाव में रहने पर फेफड़े के साथ दिल की बीमारी भी हो सकती है। ओ3 यानी ओजोन में तीन तरह की गैस होती है जो सेहत के लिए हानिकारक होती हैं।