गांदरबल में छह लोगों की गोली मारकर हत्या, उमर सरकार के बनते ही दूसरा आतंकी हमला

गांदरबल में छह लोगों की गोली मारकर हत्या, उमर सरकार के बनते ही दूसरा आतंकी हमला

*गांदरबल में छह लोगों की गोली मारकर हत्या, उमर सरकार के बनते ही दूसरा आतंकी हमला*

घटना के बाद मिली सूचना पर मौके पर पहुंची सुरक्षाबलों की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है

गांदरबल में सोनमर्ग के पास गगनगीर इलाके में जेड मोड़ सुरंग निर्माण कर रही कंपनी में कार्यरत प्रवासी मजदूरों पर रविवार की रात आतंकियों ने हमला कर दिया। हमले में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर घायल हैं।


यह वारदात शोपियां में बिहार के मजदूर अशोक चौहान के आतंकी हमले में मारे जाने के एक दिन बाद हुई है। पिछले तीन दिन में आतंकी हमले में तीन प्रवासी मजदूर मारे जा चुके हैं। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।

*कैंप पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात*

घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रवासी मजदूरों के कैंप पर भी अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी गई है। वाहनों की तलाशी भी ली जा रही है

*शोपियां में बिहार के मजदूर की हत्या पर निकला था विरोध मार्च*

ज्ञात हो कि शुक्रवार को आतंकियों ने बिहार के मजदूर की शोपियां में गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोलियों से छलनी उसका शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। इस घटना के विरोध में नागरिक समाज तथा कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को विरोध मार्च निकालकर शांति की अपील की थी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने घटना की निंदा की थी।

*उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख*

गगनगीर में गैरस्थानीय मजदूरों पर कायरतापूर्ण हमले की बेहद दुखद खबर है । मैं निर्दोष लोगों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।

*आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा: उपराज्यपाल*

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं गगनगीर में नागरिकों पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि इस घृणित कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सुरक्षा बलों को पूरी आजादी दी है।'


जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारे बहादुर जवान जमीन पर हैं और वे सुनिश्चित करेंगे कि आतंकवादियों को उनकी हरकतों की भारी कीमत चुकानी पड़े।

*उमर सरकार के पांच दिन के कार्यकाल में दूसरी बार प्रवासियों पर आतंकी हमला*

कश्मीर में प्रवासी मजदूर फिर आतंकियों के निशाने पर हैं। उमर अब्दुल्ला सरकार के शपथ लेने के पांच दिन के भीतर प्रवासी मजदूरों पर ये दूसरा आतंकी हमला है। इस बार तो उमर के विधानसभा हल्के गांदरबल में हुआ है। इन हमलों ने एक बार फिर कश्मीर के अलग अलग जिलों में काम करने वाले 50 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये नई सरकार के लिए भी चुनौती है। मौजूदा वर्ष में कश्मीर में गैर कश्मीरियों पर ये पांचवां आतंकी हमला भी है।