छह महीने बाद बांग्लादेश के खिलाफ भारत का 'टेस्ट', पंत की होगी वापसी,
छह महीने बाद बांग्लादेश के खिलाफ भारत का 'टेस्ट', पंत की होगी वापसी
आज से भारत और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत हो रही है। पहला मुकाबला आज से चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। अगले साल होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिहाज से यह सीरीज बेहद महत्वपूर्ण है। आगे भारत को और कई टेस्ट खेलने हैं। रोहित एंड कंपनी बांग्लादेश को करारी शिकस्त देने उतरेगी। इस मैच के जरिये ऋषभ पंत भी भारतीय टेस्ट सेटअप में वापसी करेंगे।
गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, आर अश्विन और रवींद्र जडेजा का प्लेइंग-11 में खेलना तय है। जिस तरह के हालात चेन्नई में हैं, उसके हिसाब से यह एक मजबूत टीम है। वहीं, टीम इंडिया को यह देखना होगा कि लाल मिट्टी की पिच पर तीसरा तेज गेंदबाज उतारा जाए या फिर कुलदीप यादव के रूप में तीसरा स्पिनर खिलाया जाएगा। अगर तेज गेंदबाज को मौका दिया जाता है तो आकाश दीप या यश दयाल में किसी एक को खिलाया जा सकता है। भारत अक्षर पटेल को भी मौका देने पर विचार कर सकता है क्योंकि इससे बांग्लादेश के आक्रमण के खिलाफ बल्लेबाजी क्रम को फायदा मिल सकता है। बांग्लादेश के पास नाहिद राणा और हसन महमूद के रूप में दो तेज गेंदबाज भी हैं।
*पंत, शुभमन और यशस्वी के सामने चुनौती*
ऋषभ पंत, शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल का हालिया टेस्ट फॉर्म शानदार रहा है। शुभमन और यशस्वी ने तो साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ खूब रन बनाए थे, लेकिन उनके रन एक ऐसी टीम के खिलाफ थे, जिसके पास कुछ खास स्पिनर्स नहीं थे। दूसरी तरफ बांग्लादेश के पास शाकिब अल हसन, तैजुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज जैसे स्पिनर इंग्लैंड की तुलना में ज्यादा दमदार हैं। अपने दिन ये किसी भी टीम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पंत के लिए भी असली परीक्षा होगी। 2022 में भयानक कार दुर्घटना के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट खेलते दिखेंगे।
*स्पिन के खिलाफ रोहित- कोहली*
कोहली ने 2019 तक भारत में अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। तेज गेंदबाजों से लेकर स्पिनर्स तक, उन्होंने हर किसी की धुनाई की थी। हालांकि, 2021 से लेकर अब उनके बल्लेबाजी औसत में गिरावट आई है। 2021 से लेकर अब तक स्पिनर्स के खिलाफ तो विराट ने 15 टेस्ट में 30 की औसत से रन बनाए हैं। वहीं, रोहित शर्मा 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बतौर ओपनर उतरने के बाद से स्पिनर्स की जमकर धुनाई की है। स्पिनर्स के खिलाफ उनका औसत 90 का है। हालांकि, साल 2021 से अब तक स्पिन के खिलाफ उनके औसत में भी गिरावट आई और इस दौरान 15 टेस्ट में 44 की औसत से रन बना सके हैं। वहीं, केएल राहुल की बल्लेबाजी भी चिंता का विषय है। पिछले तीन वर्षों में राहुल ने भारत में पांच टेस्ट खेले हैं। हालांकि, स्पिनर्स के खिलाफ इस दौरान उनका औसत केवल 23.40 का रहा है।
*सीनियर खिलाड़ियों पर दारोमदार*
अगले साल होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल को देखते हुए यह सीरीज भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही आगे टीम इंडिया को कुछ मजबूत टीमों के खिलाफ खेलना है। ऐसे में यह सीरीज उसकी तैयारी के तौर पर काम कर सकता है। भारत को बांग्लादेश के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। एक भी हार भारत के लिए फाइनल तक का रास्ता कठिन कर सकती है। भारत का घरेलू मैदान पर टेस्ट रिकॉर्ड शानदार है और किसी भी टीम का उन्हें हरा पाना संभव नहीं है। भारत ने घर पर पिछले 10 वर्षों में 40 टेस्ट जीते हैं और चार में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, विराट कोहली, रोहित शर्मा और केएल राहुल जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर भारत को बड़े स्कोर तक ले जाने का जिम्मा होगा।
*दोनों टीमों के आंकड़े*
दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 13 टेस्ट खेले गए हैं। इनमें से भारत ने 11 टेस्ट जीते हैं, जबकि दो टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। रोहित शर्मा की अगुआई में टीम इस जीत के सिलसिले को बरकरार रखने उतरेगी। वहीं, बांग्लादेश की नजर हार के क्रम को तोड़ने पर होगी। भारत ने बांग्लादेश को टेस्ट में पांच बार पारी के अंतर से हराया है। वहीं, दो बार 9+ विकेट के अंतर से शिकस्त दी है। तीन बार जीत का अंतर 100+ रन का रहा है। भारत की बांग्लादेश पर सबसे छोटी जीत तीन विकेट की रही है, जो उसने 2022 में हासिल की थी
*लंबे ब्रेक के बाद उतरी टीम इंडिया*
टीम इंडिया एक लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरेगी। भारतीय टीम ने पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच सात अगस्त को श्रीलंका के खिलाफ वनडे के रूप में खेला था। इसके एक महीने से ज्यादा समय बाद टीम इंडिया खेलने उतरेगी। वहीं, टीम करीब छह महीने बाद कोई टेस्ट मैच खेलेगी। भारत ने पिछला टेस्ट मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। नए मुख्य कोच गौतम गंभीर की देखरेख में यह टीम इंडिया की पहली टेस्ट सीरीज होगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम किस एप्रोच के साथ इस प्रारूप में उतरती है, क्योंकि सामने एक ऐसी टीम की चुनौती होगी, जिसने हाल फिलहाल में खुद से कहीं मजबूत टीम पाकिस्तान को शिकस्त दी है।