भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने में किए महत्वपूर्ण निवेश, अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी का बयान

भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने में किए महत्वपूर्ण निवेश, अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी का बयान

भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने में किए महत्वपूर्ण निवेश, अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी का बयान

अमेरिकी उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल ने भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निवेश किया है।

कैलिफोर्निया में चल रहे भारत-अमेरिका रक्षा त्वरण पारिस्थितिकी तंत्र (इंडस-एक्स) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमेरिकी उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल ने कहा है कि अमेरिका ने भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण निवेश किया है और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए एक मजबूत एजेंडे पर काम कर रहा है। कैंपबेल ने आगे कहा कि वाशिंगटन और नई दिल्ली में लगातार प्रशासन ने साझेदारी को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए समय और राजनीतिक पूंजी का निवेश किया है।

*एक मजबूत एजेंडे पर कर रहे हैं काम- कर्ट कैंपबेल*

अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी कर्ट कैंपबेल ने कहा, अमेरिका ने भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने में महत्वपूर्ण निवेश किया है और हम शेष वर्ष के लिए सहयोग को गहरा करने के लिए न सिर्फ कूटनीतिक रूप से, बल्कि महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी पर पहल (आईसीईटी) के माध्यम से भी एक मजबूत एजेंडे पर काम कर रहे हैं।

*इंडस-एक्स के शुभारंभ के बाद बढ़ाए गए एजेंडे'*

इस दौरान कर्ट कैंपबेल ने कहा, हमारे रक्षा प्रतिष्ठानों, अनुसंधान संस्थानों, निजी उद्योग और स्टार्टअप्स के पास प्रतिभा की गहरी उपलब्धता और नवाचार के लिए ललक है, यही वजह है कि इंडस-एक्स को नए विचारों, अनुसंधान और विकास के लिए आवश्यक पारिस्थितिकी तंत्र और साझेदारी बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। उन्होंने कहा कि दोनों देश पहले की तुलना में वर्तमान में एक दूसरे से अधिक करीब हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत ने इंडस-एक्स के शुभारंभ के बाद से एक वर्ष से अधिक समय में शिखर सम्मेलनों, संयुक्त चुनौतियों और आदान-प्रदान के महत्वाकांक्षी एजेंडे को आगे बढ़ाया है।

*पिछले साल शुरू किया गया था इंडस-एक्स*

इंडस-एक्स, जिसका मतलब भारत और अमेरिका के बीच बढ़ी हुई सामरिक और रक्षा साझेदारी से है, इसे पिछले वर्ष 21 जून को अमेरिकी रक्षा विभाग और भारतीय रक्षा मंत्रालय की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन, डिस्ट्रिक्ट आफ कोलंबिया (डीसी) की राजकीय यात्रा के दौरान शुरू किया गया था।