विधायक अमानतुल्लाह खान का बड़ा दावा, बोले- मुझे गिरफ्तार करने आई है ईडी की टीम

विधायक अमानतुल्लाह खान का बड़ा दावा, बोले- मुझे गिरफ्तार करने आई है ईडी की टीम

विधायक अमानतुल्लाह खान का बड़ा दावा, बोले- मुझे गिरफ्तार करने आई है ईडी की टीम

दिल्ली से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के घर पर आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय की टीम पहुंची। सुबह तड़के उनके घर पर ईडी ने छापा मारा है।

आम आदमी पार्टी के ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान के घर पर सोमवार सुबह ईडी की टीम पहुंची। उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा कर जानकारी दी है कि उन्हें उनके घर पर ईडी के लोग गिरफ्तार करने पहुंचे हैं।

ईडी की कार्रवाई पर आप विधायक का बयान

आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा कि ईडी के लोग मेरे आवास पर सर्च वॉरेंट के नाम पर मुझे अरेस्ट करने आए हैं। सर्च वॉरेंट के नाम पर उनका उद्देश्य केवल मुझे गिरफ्तार करना है। मुझे ही नहीं मेरी पूरी पार्टी को तंग किया जा रहा है। उनका मकसद है केवल मुझे और मेरी पार्टी को तोड़ना है। आगे कहा कि मैं वादा करता हूं कि जो भी मेरे काम अधूरे हैं वो मेरी टीम, मेरी सरकार करवाएगी। मुझे पूरा यकीन है कि पहले जैसे हमें कोर्ट से इंसाफ मिला है वैसे ही फिर हमें इंसाफ मिलेगा।


इसके बाद उन्होंने कहा कि 2016 से यह मुकदमा चल रहा है। जिसमें सीबीआई ने खुद कहा है कि किसी भी किस्म का कोई भी भ्रष्टाचार या लेन-देन नहीं हुआ है। मैं आप लोगों को यकीन दिलाता हूं कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया कि जिससे मैं शर्मिंदा रहूं।

बीते अप्रैल माह में प्रवर्तन निदेशालय ने वक्फ बोर्ड नियुक्ति मामले से जुड़े घोटाले के आरोप में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान से 13 घंटे पूछताछ की थी। अमानतुल्लाह पर दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते 32 लोगों की अवैध रूप से नियुक्ति का आरोप है। वक्फ बोर्ड की संपत्तियां अवैध रूप से किराये पर देने का भी आरोप है। उनके कुछ करीबियों के ठिकानों पर एजेंसी ने छापे भी मारे थे।


इससे पहले दिल्ली राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अमानतुल्ला खान को उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर दर्ज मामले में जमानत दी थी। अभी आप विधायक जमानत पर हैं। अदालत ने उन्हें 15,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि पर जमानत दे दी थी।

*जानें क्या है दिल्ली वक्फ बोर्ड मामला*

अमानतुल्ला खान पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए 32 लोगों को नियमों का उल्लंघन करते हुए भर्ती किया था। आरोप था कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में आप विधायक ने भ्रष्टाचार और पक्षपात किया था।


इसके अलावा, अवैध रूप से दिल्ली वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों को किराये पर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने बोर्ड के धन का भी दुरुपयोग किया है, इसमें दिल्ली सरकार से मदद अनुदान शामिल है।