*बंद से जनजीवन प्रभावित, कई जगह झड़पें, हिरासत में BJP नेता; ममता ने भाजपा को घेरा*
*बंद से जनजीवन प्रभावित, कई जगह झड़पें, हिरासत में BJP नेता; ममता ने भाजपा को घेरा*
पश्चिम बंगाल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में देशभर नाराजगी है। इस बीच बीते दिन राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के प्रयासों के दौरान कई स्थानों पर पुलिस के साथ झड़पें हुईं। कोलकाता और हावड़ा की सड़कों पर बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। राज्यभर में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके विरोध में भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने 12 घंटे के 'बंगाल बंद' का आह्वान किया है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बुधवार को केंद्र पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल बंद को इसलिए नहीं रोका गया क्योंकि पश्चिम बंगाल में भाजपा विरोधी सरकार है जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में इसी तरह के बंद को रोका गया था। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "जब हमने बंद का आह्वान किया था, तब हमें रोक दिया गया। क्योंकि (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदीजी यहां सरकार चला रहे हैं। यहां अमित शाह सरकार चला रहे हैं। यहां भी यौन उत्पीड़न की यही घटना हुई, लेकिन विपक्ष की आवाज दबा दी गई।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हम न्याय चाहते हैं, लेकिन भाजपा ने आज बंद का आह्वान किया है। वे न्याय नहीं चाहते, वे केवल बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, 'हम इस बंद का समर्थन नहीं करते। भाजपा ने कभी भी यूपी, एमपी और यहां तक कि मणिपुर के सीएम के इस्तीफे की मांग नहीं की। हमने कल (नबन्ना अभियान रैली) की तस्वीरें देखीं, मैं स्थिति को अच्छी तरह से संभालने के लिए पुलिस को सलाम करती हूं।
इससे पहले पश्चिम बंगाल तृणमूल छात्र परिषद के 27वें स्थापना दिवस पर अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'हम भाजपा द्वारा बुलाए गए 12 घंटे के 'बंगाल बंद' का विरोध करते हैं।'
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, 'कोलकाता हाईकोर्ट ने हमें सात दिवसीय धरने की अनुमति दी है। हम इसे कल से शुरू करेंगे, हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। यहां कोई लोकतंत्र नहीं है, पुलिस गोलीबारी नहीं रोक सकती, लेकिन केवल भाजपा के विरोध को रोक सकती है। पुलिस भाजपा नेताओं को गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन आरोपियों को नहीं।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य ने भाजपा द्वारा बुलाए गए बंद को अवैध घोषित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। जनहित याचिका में गलत जानकारी देने के कारण याचिकाकर्ता को न्यायालय के समक्ष कोई भी जनहित याचिका दायर करने से रोक दिया गया है।
भाटपारा में आज सुबह हुई राजनीतिक झड़पों के बाद सिर में गोली लगने से घायल दो लोगों को सुबह करीब 11:30 बजे कोलकाता के मणिपाल हॉस्पिटल ब्रॉडवे में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और उन्हें आईसीयू में कड़ी निगरानी में रखा गया है।
भाजपा नेता रूपा गांगुली को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं।