*नबन्ना प्रोटेस्ट हुआ हिंसक, पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने किया लाठी चार्ज*
*नबन्ना प्रोटेस्ट हुआ हिंसक, पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने किया लाठी चार्ज*
छात्र संगठन 'पश्चिम बंगाल छात्र समाज' और 'संग्रामी जौथा मंच' मंगलवार को अपनी 'नबान्न अभिजन' रैली (Nabbana Protest) आयोजित करने जा रहे हैं, जबकि प्रशासन इस आयोजन को अवैध घोषित कर चुका है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा हावड़ा के संतरागाछी में लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया। वहीं, प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की गई है। वहीं, आंसू गैस के गोले भी दागे गए हैं।
राज्य सचिवालय तक निकाली जा रही रैली का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे और आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक चिकित्सक के कथित दुष्कर्म तथा हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग करना है।
*5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती* ममता सरकार के खिलाफ छात्रों के इस प्रदर्शन को बीजेपी का साथ मिला है। प्रदर्शन को देखते हुए शहर में 4,500-5,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी। आइजी व डीआइजी रैंक के 21 पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा का विशेष जिम्मा सौंपा गया है।
*जानें क्या है नबान्न अभिजन*
दरअसल, 2011 से पहले बंगाल का सचिवालय रायटर्स बिल्डिंग हुआ करता था। साल 2011 में बंगाल सरकार ने हावाड़ा में हुबली नदी के किनारे एक बिल्डिंग को सचिवालय का रूप दिया, जिसे नबान्न नाम दिया गया। नब का मतलब है नया।
*महंगाई भत्ते को बराबर करने की मांग*
पश्चिम बंगाल छात्र समाज एक अपंजीकृत छात्र समूह है, जबकि संग्रामी जौथा मंच राज्य सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है, जो अपने महंगाई भत्ते (डीए) को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर करने की मांग कर रहे हैं। राज्य पुलिस ने संभावित हिंसा और सार्वजनिक अव्यवस्था की चिंता का हवाला देते हुए रैली को ''अवैध'' और ''अनधिकृत'' करार दिया है।
*भाजपा नेताओं ने जारी किया वीडियो*
तृणमूल कांग्रेस ने रैली को सड़कों पर अराजकता पैदा करने की “साजिश” करार देते हुए पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटल के भाजपा नेताओं के कुछ वीडियो जारी किए, जो रैली में कथित तौर पर हिंसा भड़काने की योजना बना रहे थे। वीडियो में दिख रहे लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अपेक्षित व्यवधानों के जवाब में कई शिक्षण संस्थानों ने 'ऑनलाइन' कक्षाएं संचालित करने का विकल्प चुना या मंगलवार को छुट्टी घोषित कर दी है। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने छात्रों के विरोध के अधिकार की वकालत की। उन्होंने राज्य सरकार से रैली को रोकने के लिए बल प्रयोग से बचने का आग्रह किया है