राष्ट्रपति चुनाव के बाद फैसला सुनाए अदालत’, ट्रंप के वकीलों ने जज जुआन मर्चन को भेजे पत्र में किया अनुरोध
*राष्ट्रपति चुनाव के बाद फैसला सुनाए अदालत’, ट्रंप के वकीलों ने जज जुआन मर्चन को भेजे पत्र में किया अनुरोध*
ट्रंप को वर्ष 2016 के मई महीने में एक समझौते को छुपाने के लिए अपने व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेरफेर करने का दोषी ठहराया गया है। आरोप है कि उन्होंने एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स से संबंध बनाए थे। इसके बाद डेनियल्स को चुप रहने के लिए पैसे दिए थे।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को मुंह बंद रखने के एवज में पैसे देने के मामले में अदालती कार्रवाई जारी है। इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों का कहना है कि अगर चुनाव के दिन से सात सप्ताह पहले, 18 सितंबर को ट्रंप को सजा सुनाई गई तो यह चुनाव में हस्तक्षेप के बराबर होगा। ट्रंप के वकीलों ने कहा कि सजा की तारीख को राष्ट्रपति चुनाव के बाद तक के लिए स्थगित किया जा सकता है। यानी वकीलों का कहना है कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही अदालत द्वारा ट्रंप को लेकर कोई फैसला लिया जाए।
ट्रंप के वकील, टॉड ब्लांश और एमिल बोवे ने लिखा कि फैसले में देरी होने की वजह से ट्रंप को यह तय करने का समय भी मिलेगा कि आगे क्या कदम उठाए जाने हैं। न्यायाधीश जुआन एम. मर्चन द्वारा 16 सितंबर को वकीलों की एक याचिका पर फैसला सुनाया जाएगा। याचिका में वकीलों ने अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के जुलाई के राष्ट्रपति सुरक्षा नियम का हवाला दिया। याचिका में मामले को खारिज करने की मांग की गई है। ट्रंप ने वकील ब्लांश और बोवे ने पत्र में यह भी कहा कि सजा पर विचार करने में जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है।
ब्लांश और बॉवे ने बुधवार को न्यायधीश जुआन एम मर्चन को एक पत्र भेजा। इससे पहले मर्चन ने बचाव पक्ष की इस मांग को ठुकरा दिया था कि वे मामले से अलग हो जाएं। पत्र में, ब्लांश और बॉवे ने दोहराया कि बचाव पक्ष का तर्क है कि न्यायधीश की भूमिका में ऐसा कुछ है जो उनकी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। वकीलों ने आगे तर्क दिया न्यायाधीश की बेटी डेमोक्रेटिक पार्टी की राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम करती हैं। आपको बता दें कि डेमोक्रेटिक पार्टी में कमला हैरिस भी शामिल हैं, जो अब ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं हैं।
उनके पत्र में वकीलों ने आगे कहा कि सजा की तारीख को चुनाव के बाद के लिए स्थगित किया जा सकता है। इससे अदालत भविष्य में होने वाली प्रक्रिया के लिए निष्पक्ष मुद्दों पर काम कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि पांच नवंबर को चुनाव का दिन तय किया गया है, लेकिन कई राज्यों में मतदाता पहले ही मतदान कर सकते हैं। कुछ स्थानों पर मतदान की प्रक्रिया, 18 सितंबर से कुछ दिन पहले या बाद शुरू हो सकती है। 18 सितंबर को ट्रंप की सजा पर भी फैसला होना है। उधर ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश मर्चन का कहना है कि वे निष्पक्ष रहने में सक्षम हैं। उन्होंने देरी से फैसला लेने वाली याचिका पर तुरंत कोई फैसला नहीं दिया।
आपको बता दें कि ट्रंप को वर्ष 2016 के मई महीने में एक समझौते को छुपाने के लिए अपने व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेरफेर करने का दोषी ठहराया गया है। आरोप है कि उन्होंने एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स से संबंध बनाए थे। इसके बाद स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के लिए पैसे दिए थे। आरोप लगाया गया है कि ट्रंप ने ऐसा इसलिए किया, ताकि मतदाताओं तक उनकी आपत्तिजनक कहानियां ना पहुंचें।
उधर ट्रंप का कहना है कि उनके खिलाफ गढ़ी गई सभी कहानियां झूठी हैं। उन्होंने दावा किया कि व्यावसायिक रिकॉर्ड में किसी भी तरह की हेरफेर नहीं की गई। पूर्व राष्ट्रपति के अनुसार, उनके चुनाव अभियान को नुकसान पहुंचाने के लिए पहले से योजना बनाई गई है। इस बीच, ट्रंप के वकीलों ने तर्क किया कि भुगतान वास्तव में कानूनी कामों के लिए किए गए थे। इसलिए, भगतान को सही तरीके से वर्गीकृत किया गया था। आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं, जिन्हें किसी अपराध में दोषी पाया गया है। इससे पहले न्यायाधीश जुआन एम मर्चन ने ट्रंप को सजा सुनाने की तारीख 18 सितंबर निर्धारित की है।