MSME में मदद को साथ आए भारत-अमेरिका, विदेश मंत्रालय बोला- दोनों पक्षों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए*
*MSME में मदद को साथ आए भारत-अमेरिका, विदेश मंत्रालय बोला- दोनों पक्षों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए*
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, एमएसएमई में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत-अमेरिका हाथ मिला रहे हैं। आज, दोनों ने एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जो एमएसएमई को वैश्विक बाजारों में भाग लेने, नवाचार को बढ़ावा देने, व्यापार को बढ़ावा देने और महिला उद्यमियों का समर्थन करने में सक्षम बनाता है।
भारत और अमेरिका ने एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह दोनों देशों की साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रयास में बेहद अहम है। इसके तहत दोनों देशों के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजारों में भाग लेने और व्यापार को बढ़ावा देने की सक्षमता मिलेगी। इसमें दोनों पक्षों को सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में मदद मिलेगी।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, एमएसएमई में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत-अमेरिका हाथ मिला रहे हैं। उन्होंने कहा, आज, भारत-अमेरिका ने एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों देशों के एमएसएमई को वैश्विक बाजारों में भाग लेने, नवाचार को बढ़ावा देने, व्यापार को बढ़ावा देने और महिला उद्यमियों का समर्थन करने में सक्षम बनाता है। इस समझौते से भारत और अमेरिका के उद्यमियों को एक-दूसरे के उत्पादों की खरीदी-बिक्री में आसानी होगी।
*भारत-अमेरिका में योगदान दे रहे भारतवंशी*
भारत यात्रा पर आए अमेरिकी गैर-लाभकारी प्रवासी समूह ‘इंडियास्पोरा’ के संस्थापक एमआर रंगास्वामी ने कहा, भारतवंशी लोग अमेरिका में योगदान देने के अलावा अपनी पैतृक भूमि में भी निवेश कर रहे हैं। गत वर्ष अमेरिका से 25 अरब डॉलर का पैसा भारत आया और इसका अधिकांश हिस्सा संपत्ति खरीदने, कंपनियों में निवेश करने, शेयर बाजार में निवेश करने आदि में चला गया। हम नौकरियां पैदा करने में भी मदद कर रहे हैं
*वैश्विक पहुंच की परिकल्पना*
हस्ताक्षर करने वालों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव एससीएल दास और प्रशासक, अमेरिकी लघु व्यवसाय प्रशासन (एसबीए) के प्रशासक इसाबेल कैसिलास गुजमैन शामिल थे। इसमें व्यापार और निर्यात वित्त, प्रौद्योगिकी और डिजिटल व्यापार तक पहुंच, हरित अर्थव्यवस्था और व्यापार सुविधा सहित विषयों पर वेबिनार-कार्यशालाएं तथा आपसी यात्राओं के माध्यम से वैश्विक पहुंच की परिकल्पना की