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आईजीआई एयरपोर्ट के पुलिस उपायुक्‍त के तौर पर पदभार संभालने के बाद आईपीएस अधिकारी उषा रंगनानी के सामने मौजूद तमाम चुनौतियों में एक बड़ी चुनौती फर्जी वीजा पर विदेश जाने की कोशिश से जुड़े मामले थे. इन मामलों की समीक्षा के दौरान डीसीपी उषा रंगनानी ने पाया कि फर्जी वीजा से जुड़े इन मामलों में कार्रवाई कहीं न कही यात्रियों तक ही सीमित हो रही थी. वहीं, इन यात्रियों को फर्जी वीजा मुहैया कराने वाले ट्रैवल एजेंट्स खुद को पुलिस के शिकंजे से खुद को बचाने में कामयाब हो रहे थे.

समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि ट्रैवल एजेंट पहले विदेश में आलीशान जिंदगी का सब्‍जबाग दिखाकर भोलेभाले लोगों के लाखों रुपए वसूल लेते थे और बाद में उन्‍हें फर्जी वीजा थमा देते थे. फर्जी वीजा के इस सिंडेकेट में यात्रियों को पहले ऐसे देशों के लिए रवाना किया जाता था, जहां पर ऑन अराइवल वीजा की सुविधा है. वहीं उस देश में पहुंचने के बाद उन्‍हें गैरकानूनी तरीके से अमेरिका, कनाडा सहित अन्‍य देशों में भेजने की कोशिश की जाती थी. ट्रैवल एजेंट के जाल में फंसे ये लोग विदेशी एयरपोर्ट तक तो पहुंच जाते थे, लेकिन वहां से उन्‍हें डिपोर्ट कर दिया जाता था.