अंतर्राष्ट्रीय
रूस की सेना में गलत सूचना देकर भर्ती किए गए सभी भारतीयों को स्वदेश लौटने की अनुमति मिल गई है। खबरों के मुताबिक, लगभग 40 भारतीय रूस की सेना में फंसे हुए थे, जिन्हें रोजगार देने के बहाने बुलाया गया था और बाद में उन्हें यूक्रेन सीमा पर युद्ध में तैनात कर दिया गया।
इस संघर्ष में अब तक दो भारतीयों की जान भी जा चुकी है। रूस की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। राष्ट्रपति पुतिन ने सभी भारतीयों को रिहा करने पर सहमति जताई है।