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नीट मामले में 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में CJI ने याचिका दायर करने वाले वकील, एनटीए से कई प्रश्न पूछे। CJI ने कहा कि लीक के कारण कितने छात्रों के रिजल्ट रोके गए हैं?
ये छात्र कहां हैं? कई प्रश्नों पर दलील सुनने के साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करना ही एक मात्र उपाय है। उन्होंने कहा कि 23 जून को 1563 छात्रों की दोबारा परीक्षा हो चुकी है। क्या हम अभी भी गलत काम करने वालों की तलाश कर रहे हैं। क्या हम उन छात्रों का पता लगा पा रहे हैं जो पेपर लीक लाभार्थी रहे? मामले से बहुत से छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है ऐसे में परीक्षा रद्द करना अंतिम उपाय होना चाहिए। CJI ने नीट मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यह प्रतिकूल मुकदमा नहीं है, क्योंकि हम जो भी निर्णय लेंगे, वह छात्रों की जिंदगी पर असर डालेगा। उन्होंने अगली सुनवाई की तारीख 10 जुलाई दी है याचिकाकर्ताओं के वकीलों से जवाब मांगा है कि परीक्षा क्यों रद्द होनी चाहिए। वहीं केंद्र से तारीखों की पूरी लिस्ट मांगी है।