राजनीति

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लंदन के किंग्स कॉलेज में दक्षिण एशियाई अध्ययन के जाने-माने स्कॉलर प्रोफ़ेसर क्रिस्टोफ जैफरलॉट का कहना है कि मोदी की रूस यात्रा के भू-राजनीतिक आयाम हैं.


उन्होंने कहा, "भारत रूस के साथ अपने संबंधों को विकसित करने के लिए बहुत उत्सुक है, न केवल सैन्य उपकरणों के मामले में रूस पर निर्भरता के कारण, बल्कि इसलिए भी कि भारत एक बहुध्रुवीय विश्व को बढ़ावा देना चाहता है."

"जहां भारत सभी भागीदारों के साथ अपने हितों को बढ़ावा देने की स्थिति में हो."

प्रो. जैफरलॉट का मानना ​​है कि यह यात्रा रूस की चीन के साथ बढ़ती निकटता से भी जुड़ी हुई है. भारत और रूस के बीच ख़ास संबंध बनाए जाने से रूस और चीन के बीच मेल-मिलाप को कम किया जा सकता है.