अंतर्राष्ट्रीय

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श्रीलंका सरकार ने यह फैसला किया है कि वह अगले साल तक अपने जल क्षेत्र में रिसर्च के लिए आने वाले जहाजों पर लगे बैन को हटाने जा रही है.

यह भारत के लिए सुरक्षा की दृष्टि से समस्या उत्पन्न कर सकती है क्योंकि चीन पर पहले भी रिचर्स के नाम पर जासूसी करने का संदेह जताया जा चुका है. भारत को डर है कि कहीं चीन दोबारा से यह काम ना करें. इसकी घोषणा खुद श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने की है. उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग देशों के लिए हम अलग-अलग नियम नहीं बना सकते हैं. हमने दूसरे देशों को रिसर्च की इजाजत दी है तो हम चीन को इसके लिए प्रतिबंधित नहीं कर सकते हैं. आपको बता दें कि श्रीलंका ने इसी साल जनवरी महीने में विदेशी जहाजों पर रिसर्च यात्रा को लेकर प्रतिबंध लगाया था, जिसे अब हटाया जाएगा.