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ओडिशा में बीजेपी की सरकार बनते ही पहला बड़ा फैसला ले लिया गया है. शपथ ग्रहण के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई और पुरी जगन्नाथ मंदिर के सभी चारों द्वार खोलने की मंजूरी दे दी. मंदिर की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने एक कोष गठित करने का भी फैसला किया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंदिरों के द्वार खोलना भाजपा के चुनाव घोषणापत्र का वादा था, अब हम इस वादे को पूरा कर रहे हैं. द्वार बंद होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. बता दें कि कोविड महामारी के बाद से ही बीजू जनता दल की सरकार ने मंदिर के चारों द्वार बंद कर दिए थे. श्रद्धालु केवल एक द्वार से ही प्रवेश कर सकते थे. इसकी वजह से काफी दिक्कतें होती थीं. स्थानीय लोग और कारोबारियों के अलावा बाहर से आने वाले लोग भी सभी द्वार खोलने की मांग कर रहे थे.