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यूजीसी प्रमुख जगदीश हर ने घोषणा की है कि भारत में विश्वविद्यालयों को विदेशी ट्यूशन में प्रवेश प्रक्रिया के तर्ज पर ही स्नातक में एक साल में दो बार प्रवेश लेने की अनुमति दी जाएगी। इसके तहत विश्वविद्यालयों में 2024-24 सत्र से जुलाई स्नातक और जनवरी-फरवरी में प्रवेश की पेशकश विश्वविद्यालयों की ओर से की जाएगी।
जगदीश हर ने आगे कहा कि इस नए बदलाव से छात्रों के लिए कई सारे करिअर अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार के अवसर के लिए छात्र परेशान हैं। इस प्रक्रिया से साल में दो बार कैंपस भर्ती का भी आयोजन किया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालयों में अर्धवार्षिक प्रवेश भारत की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक शैक्षिक मानकों के अनुरूप बनाएगा। यह बदलाव शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के साथ एक नई दिशा की ओर ले जाएगा। इससे छात्रों के शिक्षण स्तर में भी सुधार होगा।