अंतर्राष्ट्रीय
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सिफर मामले में खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को बरी कर दिया है। वहीं, आज सुबह इस्लामाबाद की जिला और सत्र अदालत ने 'हकीकी आजादी' मार्च के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में खान और कुरैशी सहित अन्य नेताओं को रिहा कर दिया।
इमरान खान पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ साजिश रचने की कहानी गढ़ी। एफआईए ने 15 अगस्त को देश के गुप्त कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में सिफर मामला दर्ज किया था। एफआईए ने 30 सितंबर को खान और कुरेशी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। एफआईए ने आरोप पत्र में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 5 और 9 को शामिल किया है जिसके तहत दोषी पाए जाने पर मौत की सजा या दो से 14 साल की कैद हो सकती है। खान और कुरैशी को शुरुआत में 23 अक्टूबर को इस मामले में दोषी ठहराया गया था।