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एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, "जहां तक मोदी का सवाल है, मैं तो पिछले चौबीस साल से गालियां खा-खा कर गाली प्रूफ बन गया हूं। 'मौत का सौदागर' और 'गंदी नाली का कीड़ा' किसने कहा था? संसद में हमारे एक साथी ने हिसाब लगाया था, 101 गालियां गिनाई थीं। …संसद में हमारे एक साथी ने हिसाब लगाया तो चाहे चुनाव हो या न हो, ये लोग (विपक्ष) मानते हैं कि गालियां देने का हक उनका ही है और वे इतने हताश-निराश हो गए हैं कि गालियां देना अपशब्द बोलना उनका स्वभाव बन गया है।