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गुजरात के राजकोट के 'गेम जोन' में देश को दहला देने वाले अग्निकांड में 27 लोगों की मौत के मामले में सरकार ने सोमवार को छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया। वहीं इस घटना पर गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि उसका सरकारी तंत्र पर से भरोसा उठ गया है, जो निर्दोष लोगों के मारे जाने के बाद ही हरकत में आता है।
शनिवार शाम राजकोट के नाना-मावा इलाके में टीआरपी गेम जोन में आग लगने से बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने गेम जोन के छह साझेदारों और एक अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
अदालत घटना से संबंधित स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इससे पहले अदालत ने घटना को "मानव-निर्मित त्रासदी" करार दिया था।
अदालत ने कहा कि 2021 में टीआरपी गेम जोन की स्थापना के समय से लेकर इस घटना के दिन (25 मई को) तक राजकोट के सभी नगर निगम आयुक्तों को "घटित त्रासदी के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए"। अदालत ने उन्हें अलग-अलग शपथ पत्र पेश करने का निर्देश दिया। अधिकारियों के अनुसार गेम जोन का संचालन अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना किया जा रहा था।