बिज़नेस

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भारत खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि देश में मां के दूध को बेचा नहीं जा सकता है। इस संबंध में जारी एक एडवाइजरी में कहा कि मानव दुग्ध प्रसंस्करण और बिक्री गलत है।

एफएसएसएआई ने बताया कि कुछ कंपनियां डेयरी प्रोडक्ट की आड़ में मानव दूध का व्यापार कर रही हैं। वहीं, ब्रेस्ट फीडिंग प्रमोशन नेटवर्क ऑफ इंडिया ने सरकार से ऐसी कंपनियों के खिलाफ कारवाई का अनुरोध किया है। 24 मई को जारी की एडवाइजरी में एफएसएसएआई ने राज्यों को निर्देश दिया है कि मानव दुग्ध के प्रसंस्करण व बिक्री का लाइसेंस देना बंद करें और मानव दुग्ध के व्यावसायीकरण को रोका जाए।

नियमों के किसी भी उल्लंघन पर खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके उल्लंघन पर 5 साल कैद और पांच लाख जुर्माने की सजा का प्रावधान है।